धर्म

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परमहंस संत शिरोमणि स्वामी सदानंद जी महाराज के प्रवचनों से—926

एक गाँव में एक वृद्ध संत रहते थे। दूर-दूर से लोग अपनी परेशानियाँ लेकर उनके पास आते थे। एक दिन एक युवक उदास मन से...
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परमहंस संत शिरोमणि स्वामी सदानंद जी महाराज के प्रवचनों से—924

एक नगर में महंत हरिदास नाम का एक व्यक्ति रहता था। वह बड़े मंदिर का प्रधान था। उसके प्रवचन सुनने दूर-दूर से लोग आते थे।...
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परमहंस संत शिरोमणि स्वामी सदानंद जी महाराज के प्रवचनों से—923

पुराने समय में एक राजा को अपने हाथी से विशेष स्नेह था। हर युद्ध में राजा उस हाथी को ले जाता था। हाथी भी राजा...
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परमहंस संत शिरोमणि स्वामी सदानंद जी महाराज के प्रवचनों से—922

पुराने समय में एक व्यापारी को अपना व्यापार बढ़ाने के लिए साझेदार की जरूरत थी। ये बात उसने अपने साथी व्यापारियों को भी बताई। कुछ...
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परमहंस संत शिरोमणि स्वामी सदानंद जी महाराज के प्रवचनों से—921

एक बार भगवान श्रीकृष्ण और अर्जुन भ्रमण कर रहे थे। रास्ते में अर्जुन ने पूछा, “प्रभु, कर्ण को इतना बड़ा दानी क्यों माना जाता है,...
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परमहंस संत शिरोमणि स्वामी सदानंद जी महाराज के प्रवचनों से—920

एक धनी सेठ के पास धन-संपत्ति और सुख-सुविधा की कोई कमी नहीं थी। परिवार में भी कोई परेशानी नहीं थी, लेकिन उसे जीवन में आनंद...
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परमहंस संत शिरोमणि स्वामी सदानंद जी महाराज के प्रवचनों से—919

हिमालय की तलहटी में एक आश्रम था। वहाँ एक संत रहते थे जिनके पास दूर-दूर से लोग अपनी समस्याएँ लेकर आते थे। एक दिन मोहन...
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परमहंस संत शिरोमणि स्वामी सदानंद जी महाराज के प्रवचनों से—918

पुराने समय में एक शक्तिशाली राजा था। उसके पास धन-दौलत, विशाल राजमहल, सेवक, सुख-सुविधाएं और आज्ञाकारी प्रजा सब कुछ था। परिवार भी सुखी था और...
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परमहंस संत शिरोमणि स्वामी सदानंद जी महाराज के प्रवचनों से—917

Jeewan Aadhar Editor Desk
गांव के किनारे एक छोटा-सा घर था। उस घर में रामसेवक अपनी पत्नी और दो बच्चों के साथ रहता था। कभी उसके घर में खूब...