परमहंस संत शिरोमणि स्वामी सदानंद जी महाराज के प्रवचनों से—839 धर्मपरमहंस संत शिरोमणि स्वामी सदानंद जी महाराज के प्रवचनों से—839Jeewan Aadhar Editor DeskMarch 12, 2026March 12, 20260
परमहंस संत शिरोमणि स्वामी सदानंद जी महाराज के प्रवचनों से—838 धर्मपरमहंस संत शिरोमणि स्वामी सदानंद जी महाराज के प्रवचनों से—838Jeewan Aadhar Editor DeskMarch 11, 2026
परमहंस संत शिरोमणि स्वामी सदानंद जी महाराज के प्रवचनों से—837 धर्मपरमहंस संत शिरोमणि स्वामी सदानंद जी महाराज के प्रवचनों से—837Jeewan Aadhar Editor DeskMarch 10, 2026
परमहंस संत शिरोमणि स्वामी सदानंद जी महाराज के प्रवचनों से—836 धर्मपरमहंस संत शिरोमणि स्वामी सदानंद जी महाराज के प्रवचनों से—836Jeewan Aadhar Editor DeskMarch 9, 2026
परमहंस संत शिरोमणि स्वामी सदानंद जी महाराज के प्रवचनों से—835 धर्मपरमहंस संत शिरोमणि स्वामी सदानंद जी महाराज के प्रवचनों से—835Jeewan Aadhar Editor DeskMarch 8, 2026March 8, 2026
धर्मओशो : ब्राह्मण का अर्थJeewan Aadhar Editor DeskFebruary 7, 2018 February 7, 2018 स्वाभाविक है। जो असली ब्राह्मण थे, वे तो बुद्ध के साथ हो लिये। असली ब्राह्मण को तो बुद्ध में ब्रह्म के दर्शन हो गए। ब्रह्मण...
धर्मस्वामी राजदास : विचारधाराJeewan Aadhar Editor DeskFebruary 7, 2018 February 7, 2018 आमतौर पर दो प्रकार की विचारधारा होती है- आध्यात्मिक व दुनियावी। दुनियावी विचारधारा वाला व्यक्ति हर वस्तु को सांसारिक दृष्टि से देखता है। ऐसे लोग...
धर्मस्वामी सदानंद के प्रवचनों से — 252Jeewan Aadhar Editor DeskFebruary 7, 2018 February 7, 2018 यह पुतना कौन हैं? पूतना पूर्व-जन्म में राजा बलि की राजकुमारी रत्नमाला थी जब भगवान् वामन बालक का रूप बनकर आए तो उनके सुन्दर रूप...
धर्मसत्यार्थप्रकाश के अंश—60Jeewan Aadhar Editor DeskFebruary 4, 2018 February 4, 2018 जब मेला होता है, तब मन्दिर के भीतर पुजारी रहते है और नीचे दुकान लगा रक्खी है। मन्दिर में से दुकान में जाने का छिद्र...
धर्मओशो : कबीरJeewan Aadhar Editor DeskFebruary 4, 2018 February 4, 2018 पंद्रह सौ ब्रह्मण सारे देश से एकत्रित हुए कबीर के संत्सग के लिए। कबीर तो जुलाहा थे, मुसलमान थे जन्म से तो। उनकी शूद्र से...
धर्मस्वामी राजदास : संतोष वृत्तिJeewan Aadhar Editor DeskFebruary 4, 2018 February 4, 2018 एक महात्मा भ्रमण करते हुए नगर में से जा रहे थे। मार्ग में उन्हें एक रुपया मिला। महात्मा तो विरक्त और संतोषी व्यक्ति थे। वे...
धर्मस्वामी सदानंद के प्रवचनों से—251Jeewan Aadhar Editor DeskFebruary 4, 2018 February 4, 2018 जीवन आधार पत्रिका यानि एक जगह सभी जानकारी..व्यक्तिगत विकास के साथ—साथ पारिवारिक सुरक्षा गारंटी और मासिक आमदनी और नौकरी भी..अधिक जानकारी के लिए यहां क्लिक...
धर्मस्वामी राजदास : सच्चे गुरु की पहचानJeewan Aadhar Editor DeskFebruary 3, 2018 February 3, 2018 यदि आज आपको तीन माह बाद का एक निमंत्रण मिलता है, जिसमें लिखा है कि एक हॉल में सौ फुट लंबे और सौ फुट चौड़े...
धर्मओशो : सदगुरु आते हैJeewan Aadhar Editor DeskFebruary 3, 2018 February 3, 2018 तुम्हारे पड़ोस में जो बैठा हैं,उसकी सुबह करीब है। और तुम अभी आधी रात में हो। यह हो सकता है कि तुम्हारी सुबह आने में...
धर्मसत्यार्थप्रकाश के अंश—59Jeewan Aadhar Editor DeskFebruary 3, 2018 February 3, 2018 जहां जो बात सुनी जाती है वही सच्ची होगी कि कोई जुलाहा काशी में रहता था। उसके लडक़े बालक नहीं थे। एक समय थोड़ी सी...