धर्म

स्वामी राजदास : चादर कैसे दूं???

मैंने और एक कहानी सुनी है। भोले के घर में एक चोर घुस गया। चोर ने अपनी चादर बिछायी समाना बांधने के लिए, वह अन्दर सामान लेने गया, भोला उसकी चादर पर सो गया। बिल्कुल आंख बंद करके लेट रहा। तो चोर लौटा, उसने कहा, यह भी हद हो गई, घर में तो कुछ मिला ही नहीं, और चादर भी गई। उसने भोले से कहा भाई चदर तो दे दो। भोले ने कहा कि इसी तरह कोई- कोई कभी -कभी आ जाता है उनके घर, उसी से तो हमारा जीवन चल रहा है। चादर कहां से दे? जीवन आधार नवंबर माह प्रतियोगिता.. प्ले ग्रुप से दसवीं तक विद्यार्थी और स्कूल दोनों जीतेंगे सैंकड़ों उपहार.. अधिक जानकारी के लिए यहां क्लिक करे

धर्मप्रेमी सुंदरसाथ जी, धर्मिक व्यक्ति के पास अगर दुष्ट आदमी भी आता है तो धार्मिक व्यक्ति उसकी दुष्टता को उससे छीन लेता है और सज्जन बनने के लिए उत्साहित करता है। भोला ने चोर की चादर ले ली अर्थात उससे चोरी का समान समेटने का सबसे बड़ा साधन लेकर उसे सत्कर्म करने की प्ररेणा दी।
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Jeewan Aadhar Editor Desk