धर्म

स्वामी राजदास : जनेऊ संस्कार

जीवन आधार पत्रिका यानि एक जगह सभी जानकारी..व्यक्तिगत विकास के साथ—साथ पारिवारिक सुरक्षा गारंटी और मासिक आमदनी भी..अधिक जानकारी के लिए यहां क्लिक करे।

नौकरी की तलाश है..तो जीवन आधार बिजनेस प्रबंधक बने और 3300 रुपए से लेकर 70 हजार 900 रुपए मासिक की नौकरी पाए..अधिक जानकारी के लिए यहां क्लिक करे।

पत्रकारिकता के क्षेत्र में है तो जीवन आधार न्यूज पोर्टल के साथ जुड़े और 72 हजार रुपए से लेकर 3 लाख रुपए वार्षिक पैकेज के साथ अन्य बेहतरीन स्कीम का लाभ उठाए..अधिक जानकारी के लिए यहां क्लिक करे।
बहुत समय पहले की बात है नानक देव के जनेऊ संस्कार का समय आ गया था। उनके पिता ने जनेऊ संस्कार के लिए कुल पुरोहित को बुलाया। जब पुरोहित आए तो नानक देव ने उन्हें प्रणाम किया और पूछा, ‘महाराज, आप जो मुझे ये सूत का धागा पहना रहे हैं उससे क्या फायदा होगा?’ पुरोहित ने कहा, ‘सूत का धागा डालने से आपका नया जन्म हो जाएगा, आप नए हो जाएंगे। यह सवर्णों की पहचान है। इसे देख कर लोग समझ जाएंगे कि यह कोई सवर्ण व्यक्ति है न कि शूद्र। यह जानने के बाद लोग आपका सम्मान करेंगे, जैसे सवर्णों का किया जाता है।’
पुरोहित के उत्तर से नानक देव संतुष्ट नहीं हुए। उन्होंने पुरोहित से दो और सवाल पूछे। एक, सवर्णों का सम्मान क्यों किया जाना चाहिए? दो, अगर ये जनेऊ टूट गया तो? पुरोहित जी का जवाब था, सवर्णों का सम्मान इसलिए होना चाहिए क्योंकि वे श्रेष्ठ होते हैं। दूसरे सवाल का आसान जवाब उन्होंने यह दिया कि जनेऊ टूट गया तो बाजार से दूसरा आ जाएगा। अब नानक का चेहरा गंभीर हो गया।
उन्होंने पूछा, ‘सवर्णों को क्या ईश्वर ने श्रेष्ठ बनाया है या उन्होंने स्वयं ही खुद को श्रेष्ठ घोषित कर दिया है?’ पुरोहित इस सवाल पर निरुत्तर हो गए। नानक ने जनेऊ डालने से इंकार करते हुए कहा कि जो धागा खुद टूट जाता है, जो बाज़ार में बिकता है, उससे परमात्मा की खोज क्या होगी। उन्होंने कहा, ‘मुझे जिस जनेऊ की आवश्यकता है, उसके लिए दया की कपास, संतोष का सूत, और संयम की गांठ होनी चाहिए। यह जनेऊ न टूटता है, ना इसमें मैल लगता है। यह न जलता है, न खोता है और न ही बाजार में बिकता है।’ नानक के ऐसे वचन सुन कर पुरोहित ने उनके पिताजी से कहा, ‘यह सामान्य बालक नहीं है। यह आसाधारण बालक है, इसे जनेऊ की कोई आवश्यकता नहीं है।’
जीवन आधार बिजनेस सुपर धमाका…बिना लागत के 15 लाख 82 हजार रुपए का बिजनेस करने का मौका….जानने के लिए यहां क्लिक करे

Related posts

स्वामी राजदास : कृष्ण—सुदामा प्रेम

Jeewan Aadhar Editor Desk

परमहंस संत शिरोमणि स्वामी सदानंद जी महाराज के प्रवचनों से—283

Jeewan Aadhar Editor Desk

परमहंस संत शिरोमणि स्वामी सदानंद जी महाराज के प्रवचनों से—813

Jeewan Aadhar Editor Desk