हिसार,
अतिरिक्त उपायुक्त एएस मान ने कहा कि प्रदेश में हर साल लगभग डेढ़ लाख सडक़ दुर्घटनाएं होती हैं, जिनमें जान के साथ-साथ 60 से 70 हजार करोड़ रुपये का आर्थिक नुकसान भी होता है। इन दुर्घटनाओं के पीछे मुख्य कारण लोगों द्वारा यातायात नियमों की पालना ना करना पाया जाता है। यातायात नियमों की पालना सुनिश्चित करवाने के लिए केंद्र व प्रदेश सरकार ने सडक़ सुरक्षा नियमों को कड़ा किया है और इनका सख्ती से पालन भी करवाया जा रहा है। अब देश के किसी भी हिस्से में किसी व्यक्ति द्वारा सडक़ सुरक्षा नियम तोडऩे पर उसके गृह जिले के लाइसेंस जारी करने वाले अधिकारी द्वारा उसके ड्राइविंग लाइसेंस को 3 माह के लिए सस्पेंड करने की ऑनलाइन सेवा देश भर में लागू हो चुकी है। फिर से नियम तोडऩे पर लाइसेंस को स्थाई रूप से रद्द भी किया जा सकता है। इसके चलते देश भर में 2015 के मुकाबले 2016 में सडक़ दुर्घटनाओं में 4.1 प्रतिशत की कमी भी दर्ज की गई है।
एडीसी मान आज सडक़ सुरक्षा सप्ताह के तहत जिला सभागार में आयोजित कार्यशाला में उपस्थित अधिकारियों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि अधिकतर सडक़ दुर्घटनाओं में चालक की लापरवाही अथवा यातायात नियमों की उल्लंघना पाई जाती है। इसलिए यदि हर व्यक्ति ड्राइविंग के दौरान सतर्कता बरते तो सडक़ दुर्घटनाओं को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
अतिरिक्त उपायुक्त ने तथ्य प्रस्तुत करते हुए कहा कि अकेले हरियाणा में हर साल लगभग डेढ़ लाख सडक़ दुर्घटनाएं होती हैं जिनमें जान के नुकसान के साथ-साथ काफी आर्थिक नुकसान भी होता है। उन्होंने बताया कि सरकार द्वारा सडक़ सुरक्षा नियमों को सख्त बनाने तथा इसे कड़ाई से लागू करने के कारण राष्ट्रीय स्तर पर सडक़ दुर्घटनाओं की संख्या में कमी दर्ज की गई है। देश में 2016 में 4 लाख 80 हजार 652 सडक़ दुर्घटनाएं हुई जो वर्ष 2015 में हुई 5 लाख 1 हजार 423 के मुकाबले 4.1 प्रतिशत कम है।
उन्होंने कहा कि लोग जब यातायात नियमों के प्रति गंभीर होंगे और अपने व्यवहार में बदलाव लाएंगे तो सडक़ दुर्घटनाएं अपने आप कम हो जाएंगी। इसके लिए सरकार व प्रशासन द्वारा निरंतर जागरूकता अभियान भी चलाए जा रहे हैं। उन्होंने सडक़ सुरक्षा से जुड़े अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे लोगों को जागरूक करने का अभियान निरंतर चलाएं और नियम तोडऩे वाले लोगों से सख्ती से पेश आएं।
उन्होंने बताया कि जिला में 19 जनवरी तक सडक़ सुरक्षा सप्ताह मनाया जा रहा है। इस दौरान अलग-अलग जगहों पर कार्यशालाएं आयोजित कर लोगों को यातायात नियमों बारे जागरूक किया जा रहा है। उन्होंने आमजन से भी आह्वान किया कि वे सडक़ सुरक्षा नियमों के मामले में सहयोग करें और सीट बैल्ट, हैलमेट लगाने के साथ-साथ दूसरों को भी जागरूक करें। उन्होंने कहा कि वे चलती गाड़ी में मोबाइल फोन का प्रयोग न करें और छोटे बच्चों को वाहन न चलाने दें। यदि हम इन छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखें तो जान-माल के नुकसान को कम कर सकते हैं।
इस अवसर पर सीटीएम शालिनी चेतल, बरवाला के एसडीएम पृथ्वी सिंह, हांसी एसडीएम राजीव अहलावत, हिसार एसडीएम परमजीत सिंह चहल, डीआरओ राजेंद्र कुमार, ट्रेफिक इचार्ज प्रहलाद सिंह व आपदा प्रबंधन अधिकारी पूनम सहित अन्य अधिकारी व कर्मचारी भी मौजूद थे।
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