हिसार

आंगनवाड़ी महिलाओं ने लगाया सरकार पर मांगों की अनदेखी करने का आरोप

हिसार,
आंगनवाड़ी महिलाओं को सरकारी कर्मचारी का दर्जा देने सहित अन्य मांगों को लेकर लघु सचिवालय के समक्ष धरने पर बैठी आंगनवाड़ी वर्कर एंड हेल्पर यूनियन को आंदोलन के 16वें दिन उस समय मजबूती मिली जब रोडवेज कर्मचारी तालमेल कमेटी एवं छात्र संगठन इनसो ने उन्हें समर्थन देने की घोषणा की। दोनों संगठनों ने धरनास्थल पर जाकर महिलाओं को संबोधित किया और उनकी मांगों को जायज बताते हुए सरकार से मांगे तुरंत पूरी करने की मांग रखी।

हरियाणा संयुक्त कर्मचारी मंच एवं आंगनवाड़ी इंपलाइज फैडरेशन ऑफ इंडिया से संबंधित आंगनवाड़ी वर्कर एंड हेल्पर्स यूनियन की जिला प्रधान बिमला राठी की अध्यक्षता में जारी धरने के 16वें दिन भी आंगनवाड़ी महिलाओं ने जोरदार नारेबाजी की और सरकार पर आरोप लगाया कि वह बातचीत की बजाय मामले को लंबा खींचकर महिलाओं के रोष को और बढ़ा रही है। जिला प्रधान बिमला राठी ने इस अवसर पर कहा कि राज्य कमेटी के फैसले के अनुसार जब तक सरकार मांगों व समस्याओं का हल नहीं करेगी, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने समर्थन देने आए रोडवेज कर्मचारियों व छात्र संगठन इनसो के नेताओं का आभार जताया और कहा कि संघर्ष के समय साथ देने से आंगनवाड़ी महिलाओं के आंदोलन को नया बल मिला है। इनसो नेता सिल्क पूनिया के नेतृत्व में इनसो के पदाधिकारी व कार्यकर्ता धरनास्थल पर गये और समर्थन दिया। रोडवेज नेता दलबीर किरमारा, विजय सिवाच, रमेश सैनी व राजबीर बैनीवाल के नेतृत्व में हरियाणा रोडवेज कर्मचारी तालमेल कमेटी के बैनर तले रोडवेज कर्मचारी प्रदर्शन करते हुए धरनास्थल पर आंगनवाड़ी महिलाओं के समर्थन में पहुंचे।
उपरोक्त के अलावा धरनास्थल पर राजबाला, मंतारी, मूर्ति, रजविन्द्र, शकुंतला, अनिता, लक्ष्मी बालक, इन्द्रा बालक, पूनम नारनौंद, सीमा डाया, बीरमति रावतखेड़ा, रीना पुट्ठी, भतेरी ज्ञानपुरा, कौशल्या सातरोड खुर्द, सुनीता नया गांव, प्रेमो भैणी बादशाहपुर, रामदुलारी शेखपुरा, ऊषा सातरोड कलां, कमलेश कुंभा, बबीता सरसाना व कमला ज्ञानपुरा सहित सैंकड़ों महिलाएं आंदोलन में शामिल हुई।
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