जोधपुर,
विशेष अदालत ने बुधवार को रेप के मामले में आसाराम को दोषी ठहरा दिया है। आसाराम को आश्रम से जेल और कोर्ट तक पहुंचाने में एक अहम कड़ी हैं आईपीएस अधिकारी अजय पाल लांबा। आईपीएस लांबा की भूमिका के बारे में विस्तार से जानना काफी दिलचस्प है।
आईपीएस अधिकारी अजय पाल लांबा उस दिन अपने दफ्तर में थे जब दिल्ली की एक टीम एक नाबालिग बच्ची और अपने पिता के साथ उनसे मिलने 21 अगस्त 2013 को पहुंची। लांबा उस वक्त जोधपुर वेस्ट के डेप्युटी कमिश्नर थे। बच्ची ने आसाराम पर यौन शोषण का आरोप लगाया था।
फिलहाल ऐंटी करप्शन ब्यूरो में तैनात लांबा याद करते हैं कि कैसे पहली बार में उन्हें नाबालिग की बात पर विश्वास ही नहीं हुआ था। उन्हें लगा कि शायद आसाराम की छवि खराब करने की कोशिश की जा रही है। बाद में उन्हें उस लड़की और उसके परिवार की बात पर विश्वास हुआ।
‘पहले नहीं हुआ यकीन’
वह बताते हैं, ‘मुझे गलत साबित करते हुए लड़की ने जोधपुर से लगभग 38 किलोमीटर दूर आसाराम के मणई गांव स्थित आश्रम का एकदम सटीक नक्शा बताया, जहां उसका शोषण किया गया था।’ तब उन्हें लगा कि कोई व्यक्ति मौका-ए-वारदात का नक्शा बिना वहां जाए कैसे बता सकता है। वहां से उन्होंने जांच शुरू की।
बाद में उन्हें पता चला कि मेरठ के एक परिवार ने भी स्थानीय पुलिस से आसाराम के खिलाफ ऐसी ही शिकायत की थी। जब वह उस परिवार से मिलने गए तब परिवार ने शिकायत करने से इनकार कर दिया। इस पर पुलिस का शक और गहरा हो गया।
ऐसे कसा आसाराम पर शिकंजा
पुलिस को बड़ी सफलता 31 अगस्त को लगी। लांबा बताते हैं, ‘हमें आसाराम का कुछ पता नहीं था। फिर भी पांच पुलिस अफसरों और 6 कमांडो की एक टीम को इंदौर स्थित आश्रम भेजा गया। तभी जोधपुर में हमने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उसमें हमने कहा कि आसाराम हमारे रेडार पर है। इस पर बौखलाकर कर आसाराम भोपाल एयरपोर्ट पर पहुंचे। हमने यह बात मीडियाकर्मियों को बता दी जो उनका पीछा करने लगे। आसाराम अपने इंदौर स्थित आश्रम में पहुंच गए लेकिन उन्हें यह नहीं पता था कि हमारी टीम भी शहर में है।’
मिले धमकी भरे 1,600 खत
आसाराम और उनके अनुयायियों ने पुलिसवालों को लालच देने की कोशिश की। लांबा बताते हैं कि उन्हें बड़ी रकम की पेशकश से लेकर जान की धमकी दी गई। वह कहते हैं कि इस सबके बीच लोगों के विश्वास ने उन्हें आगे बढ़ने को प्रेरित किया। लांबा बताते हैं कि उन्हें कम से कम 1,600 ऐसे खत मिले जिनमें लोगों ने उन्हें जान से मारने की धमकी दी गई थी।
आखिरकार कोर्ट ने आसाराम को दोषी ठहराया
बुधवार को जोधपुर विशेष कोर्ट ने फर्श से अर्श तक तक पहुंचने वाले आसाराम को उनके आश्रम में आने वाली लड़कियों से रेप का दोषी करार दिया गया है। आसाराम के साथ-साथ उनके बेटे नारायण साईं भी जेल में बंद हैं।