हिसार,
जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण के सचिव व मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी सुरेंद्र कुमार ने केंद्रीय कारागार-एक में विशेष जेल अदालत लगाकर बंदियों की समस्याओं पर सुनवाई की। इस दौरान उन्होंने चार मामलों का निपटारा करते हुए छह हवालाती बंदियों को रिहा कर दिया। बंदियों की समस्याओं के समाधान के लिए उन्होंने जेल अधिकारियों को जरूरी दिशा-निर्देश दिए।
जेल में बंदियों की समस्याओं व शिकायतों पर सुनवाई के लिए जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण द्वारा प्रत्येक माह के प्रथम बुधवार को लगाई जाने वाली विशेष जेल अदालत की श्रंखला में आज केंद्रीय कारागार-एक में सीजेएम सुरेंद्र कुमार ने जेल अदालत लगाई। उन्होंने कई बंदियों के मामलों की सुनवाई करते हुए चार मामलों का निपटारा किया और 6 हवालाती बंदियों को आजाद करने का फैसला सुनाया। चोरी के एक मामले में करीब पौने दो साल की सजा काट चुके हवालाती बंदी संदीप कुमार को उन्होंने रिहा कर दिया। इस दौरान उन्होंने अन्य बंदियों की शिकायतों पर भी सुनवाई की और जेल अधिकारियों को उनके त्वरित समाधान के निर्देश दिए।
सीजेएम सुरेंद्र कुमार ने बताया कि जेल अदालतों का मुख्य मकसद जेल में बंद कैदियों को त्वरित न्याय प्रदान करना तथा उनकी समस्याओं को दूर करना है। उन्होंने बताया कि 14 जुलाई को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा जिसमें जिला स्तर पर भी लोक अदालत की बैंच लगाई जाएंगी। इसके तहत विभिन्न मामलों में विवादित पक्षों के बीच आपसी सहमति कायम करते हुए उनके मामलों का समाधान करवाया जाएगा। लोक अदालतें न्याय पाने का सस्ता व सुलभ माध्यम हैं। उन्होंने आमजन से आह्वान किया कि वे राष्ट्रीय लोक अदालत का लाभ उठाते हुए अपने आपसी झगड़ों व न्यायिक मुकदमों का निपटारा करने की पहल करें। इसके लिए वे संबंधित कोर्ट व जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण के कार्यालय से मदद ले सकते हैं।