हिसार

घर नहीं दिया तो नगर निगम में ही ड़ाल दिया ड़ेरा

हिसार,
नगर निगम के अंतर्गत आने वाले सातरोड़ क्षेत्र में आवासीय योजना के तहत मिलने वाली राशि का चेक पिछले तीन महीने से सैंकड़ों जरूरतमंदों को नहीं मिलने से गुस्साए क्षेत्रवासियों ने आज स्थानीय पार्षद राजपाल मांडू के नेतृत्व में विरोध प्रदर्शन किया और फिर बाद में निगम कार्यालय परिसर में ही अपना पड़ाव डाल लिया। क्षेत्रवासी बाकायदा अपने साथ गैस चूल्हा, चारपाई, बर्तन व अन्य घरेलू सामान भी साथ ले आए। इसके बाद भी जब निगम प्रशासन नहीं जागा तो क्षेत्रवासियों ने पहले तो ढोल-नगाड़ों के साथ अपना रोष व्यक्त किया। इसके बाद भी अधिकारियों की नींद नहीं खुली तो क्षेत्रवासियों ने कीर्र्तन भी किया।
पार्षद राजपाल मांडू ने बताया कि निगम ने आरएवाई स्कीम के तहत सातरोड़ क्षेत्र में 1509 जरूरतमंदों की सूची तैयार की थी। उन्होंने बताया कि इनमें से 900 के करीब आवेदकों को मकान बनाने के लिए निगम की तरफ से कोई प्रक्रिया आरंभ नहीं की गई है। ये लोग जर्जर मकानों में ही अपना गुजर बसर कर रहे हैं। वहीं 400 के करीब आवेदक ऐसे भी हैं, जिनके मकान बनाने के लिए प्रक्रिया आरंभ तो नहीं, मगर उनको पिछले करीबन तीन महीने से सरकार की तरफ से दी जाने वाली आर्थिक मदद का चैक नहीं दिया जा रहा है। मांडू का कहना है कि वे आवेदकों को चैक दिलवाने के लिए निगम कार्यालय में एक अधिकारी से दूसरे अधिकारी तक अनेक बार चक्कर काट चुके हैं। हर अधिकारी उनको जल्द ही चैक देने का आश्वासन तो दे देता है, मगर आवेदकों को मकान बनाने के लिए चैक दिए नहीं जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि तेेज आंधी, तूफान और बारिश के बीच क्षेत्रवासी बहुत ही परेशानियों के साथ गुजर-बसर कर रहे हैं और अधिकारियों की नींद नहीं खुल रही। इसी बात से गुस्साए लोगों ने आज निगम कार्यालय परिसर में ही अपना पड़ाव डाल दिया है। जब अधिकारी उनकी मांगों को पूरा करेंगे, उसके बाद ही वे अपना विरोध प्रदर्शन समाप्त करेंगे। सातरोड़ क्षेत्र के लोगों की इस मांग का समर्थन बसपा नेता बलराज सातरोडिय़ा ने भी किया।

Related posts

नशे को जड़ से खत्म करने के लिए पुलिस व सामाजिक संस्थान व जनता को मिल कर करना होगा काम : एसपी

प्रणामी स्कूल में विद्यार्थियों को बांटा गुरु गोबिंद सिंह व महाराणा प्रताप का साहित्य

Jeewan Aadhar Editor Desk

खाने के सामान में भोजनम बनेगा देश का सबसे बढिय़ा ब्रांड : डा. कमल गुप्ता

Jeewan Aadhar Editor Desk