हिसार

फीस के बोझ तले किसी प्रतिभा को नहीं दबने दिया जाएगा, कैरियर बनाएं : नवीन जोहर

हिसार,
आमतौर पर गरीबी व विभिन्न कोचिंग संस्थानों की भारी भरकम फीस देखकर कैरियर बीच में छोड़ देने वाले बच्चों के लिए आशा की नई किरण जगी है। हिसार के जवाहर नगर की गली नंबर एक स्थित गोपाली कम्युनिटी ऑफ इकोनॉमिक्स के संचालक व पूर्व आईआईटी खडग़पुर के स्कॉलर रहे नवीन जोहर ने ऐसे विद्यार्थियों के लिए बीड़ा उठाया है।

नवीन जोहर का कहना है कि सामाजिक व आर्थिक रूप से पिछड़े बच्चे जो टीचिंग असिस्टेंड प्रोफेसर व आईआईटी में अपना कैरियर बनाना चाहते हैं, लेकिन कोचिंग पर खर्च होने वाली मोटी रकम को देखकर जो अपने कदम खींच लेते हैं, ऐसे विद्यार्थियों को अब चिंता करने की जरूरत नहीं है। नवीन जोहर ने बताया कि वे खुद ग्रामीण परिवेश में गांव चौधरीवाली में पले-बढ़े हैं और उनका संस्थान तमाम उन छात्रों को आगे बढ़ाने को प्रयासरत है जो आर्थिक व सामाजिक कारणों के चलते पिछड़ गए हैं। अभी हाल ही में घोषित यूजीसी-नेट के परीक्षा परिणाम में गोपाली कम्युनिटी ऑफ इकोनॉमिक्स में पढ़ रहे 28 छात्रों में से 16 छात्रों ने नेट इकोनॉमिक्स क्वालीफाई किया जिनमें से दो छात्रों को जेआरएफ है।

नवीन के अनुसार यह परीक्षा परिणाम एक पहली व अच्छी शुरुआत है। हम अपने सब्जेक्ट इकोनॉमिक्स के अध्यापक तैयार करके इसे एक नई दिशा व ऊंचाई प्रदान करने में जुटे हुए हैं। उन्होंने कहा कि यदि बच्चे में पढऩे की कसक है तो केवल फीस के कारण उसे पीछे नहीं रहने दिया जाएगा। कोई भी मेधावी छात्र यहां रियायती दरों पर शिक्षा प्राप्त कर सकता है। यदि छात्र फीस देने में भी सक्षम नहीं है तो भी संस्था उसका खर्च वहन करने को तैयार है। उन्होंने कहा कि अनेक छात्र अच्छी कोचिंग के लिए दिल्ली की ओर जाना चाहते हैं लेकिन यह परीक्षा परिणाम उन सभी छात्रों को एक नई आशा प्रदान करेगा जो इतनी महंगी कोचिंग नहीं ले पा रहे हैं।

गांव में पले-बढ़े नवीन जोहर जिस तरीके से काम करते हैं उसे देखकर उनके छात्र हैरान रह जाते हैं कि उनमें इतनी पॉजिटीव एनर्जी कहां से आती हैं। पत्रकार सम्मेलन में उपस्थित 16 छात्रों ने बताया कि नवीन सर के पारिवारिक कारणों की वजह से विदेश में पढ़ाई नहीं कर सके। अब नवीन सर तमाम उन छात्रों के लिए प्रयासरत हैं जो पारिवारिक व अन्य कारणों के चलते उच्च शिक्षा प्राप्त करने में असक्षम हैं। वे सिर्फ उन्हीं छात्रों को अपने संस्थान मेें प्रवेश देते हैं जिनके अंदर पढ़ाई के प्रति ललक है तथा जो मेधावी हैं तथा किसी कारण से शिक्षा वहन करने में असमर्थ हैं।

उनका उद्देश्य है कि ऐसे छात्र आगे चलकर अध्यापक बनकर दूसरों के जीवन में भी रोशनी करने का काम करेंगे। मौके पर ही उपस्थित एक छात्रा ने बताया कि वह अपनी कोचिंग के लिए चंडीगढ़ गई थी लेकिन वहां की भारी भरकम फीस देखकर वापिस आ गई। बड़ा परिवार व गरीबी के कारण उसके लिए इतनी ज्यादा फीस पर कोचिंग लेना उसके लिए संभव नहीं था। इसी दौरान उसे हिसार के जवाहर नगर की गली नम्बर एक में स्थित गोपाली कम्युनिटी ऑफ इकोनॉमिक्स का पता चला।

उसने नवीन जी से बात की तो उन्होंने उसे बुलाकर समझाया और बताया कि वह जितनी फीस वहन कर सकती है, उतनी ही दे दें लेकिन अपना कैरियर बीच में न छोड़ें लेकिन कोचिंग मेहनत से लेनी है। नवीन सर से प्रेरित होकर उसे अपनी कोचिंग शुरू की और आज परिणाम सबके सामने है। सामाजिक व धार्मिक कार्यों में रूचि रखने वाले पारिवारिक पृष्ठभूमि में पले-बढ़े नवीन का कहना है कि कोई भी गरीब या जरूरतमंद शिक्षा व कैरियर बनाने से वंचित न रहे, यही उसका लक्ष्य है और परिजनों ने सदैव उसे अच्छे कार्यों के लिए ही प्रेरित किया है।

इस अवसर पर मोलूराम जोहर, रणसिंह, तरूण वधवा, अनिल जोहर व इंस्टीट्यूट के माध्यम से टॉप करने वाले छात्र मौजूद रहे।

जीवन आधार पत्रिका यानि एक जगह सभी जानकारी..व्यक्तिगत विकास के साथ—साथ पारिवारिक सुरक्षा गारंटी और मासिक आमदनी और नौकरी भी..अधिक जानकारी के लिए यहां क्लिक करे।

Related posts

3 दिसंबर को हिसार में होने वाले मुख्य कार्यक्रम

आदमपुर में 6 ट्रकों में लदी 1400 क्विंटल गेहूं पकड़ी, बड़े घोटाले का हो सकता है पर्दाफाश

भाजपा हुड्डा के रथ को नहीं, अनर्थ को रोकना चाहती है : बराला