हिसार

शिवांगी ने बढ़ाया हिसार का गौरव, राष्ट्रपति ने ‘बाल शक्ति पुरस्कार’ से किया सम्मानित

हिसार,
विश्व की सबसे ऊंची पर्वत चोटी माऊंट एवरेस्ट जिस पर चढ़ाई करते समय बड़े-बड़े पर्वतारोहियों के पैर कांपने लग जाते हैं। दुनिया की उस सर्वोच्च चोटी को फतह करने का गौरव हिसार की बेटी शिवांगी ने मात्र 16 वर्ष की आयु में हासिल किया। इसके पीछे शिवांगी का दृढ़ विश्वास, अथक प्रयास और मजबूत हौसला था जिसने यह असाधारण कारनामा कर दिखाया और देश की शान तिरंगे को इस छोटी सी उम्र में दुनिया की सबसे ऊंची चोटी पर फहरा कर देश का नाम रोशन किया। शिवांगी के इस हौसले व जज्बे को भारत सरकार ने बाल शक्ति पुरस्कार से नवाजा। शिवांगी ने विश्व की तीन बड़ी पर्वत श्रृंखलाओं की चोटियों को मात्र 111 दिनों में फतह कर हिसार का नाम रोशन किया। इस असाधारण उपलब्धि के लिए शिवांगी पाठक को गत दिवस नई दिल्ली में राष्ट्रपति भवन में महामहिम राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने राष्ट्रीय बाल पुरस्कार 2019 के तहत बाल शक्ति पुरस्कार देकर सम्मानित किया।
शिवांगी पाठक की माता आरती पाठक ने बताया कि 4 जनवरी 2019 को राष्ट्रपति भवन से मेल के माध्यम से निमंत्रण मिला कि 22 जनवरी को शिवांगी पाठक को नवाचार के क्षेत्र में उनकी असाधारण उपलब्धियों के लिए ‘बाल शक्ति पुरस्कार’ से नवाजा जाएगा जिसके बाद वे गत दिवस राष्ट्रपति भवन पहुंचे जहां शिवांगी को महामहिम राष्ट्रपति ने सम्मानित किया।
ज्ञात रहे कि शिवांगी पाठक ने 16 वर्ष की उम्र में और चार माह से भी कम समय में माऊंट एवरेस्ट, दक्षिण अफ्रीका की सबसे ऊंची पर्वत चोटी माऊंट किली मंजारो, यूरोप की सबसे ऊंची पर्वत चोटी एल्ब्रुस पर तिरंगा फहराकर भारत का नाम रोशन किया। शिवांगी ने साबित किया कि आज लड़कियां किसी भी क्षेत्र में कम नहीं हैं और वे हर मुकाम हासिल करने में सक्षम है। इससे पूर्व गत 15 अगस्त को भी प्रदेश के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने सम्मानित किया था।
शिवांगी ने कहा कि उनके इस कार्य से उन लोगों को शयाद संदेश मिला होगा जो बेटियों को कम आंकते हैं। उन्होंने कहा कि बेटियां को बेटों से कम समझने की बजाय उन्हें उनके सपनों को पूरा करने के लिए पूरे अवसर प्रदान करने चाहिएं। उन्होंने कहा कि बेटियों की उड़ान को ना रोकें और उन पर विश्वास करके उन्हें अपने सपनों को पूरा करने दें तो वे आपको निराश नहीं करेंगी।

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