हिसार,
अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश डीआर चालिया की अदालत ने पेटवाड़ गांव में सांसी जाति के आधा दर्जन घरों में तोडफ़ोड़, मारपीट और पुलिस की गाड़ी का शीशा तोडऩे के मामले में 36 दोषियों को कैद व जुर्माने की सजा सुनाई है।
अदालत के फैसले के अनुसार दोषियों को धारा 148 के तहत 3 वर्ष कैद व एक हजार रुपये जुर्माना, धारा 323 के तहत एक वर्ष कैद व एक हजार रुपये जुर्माना, धारा 332 के तहत तीन वर्ष कैद व एक हजार जुर्माना, धारा 353 के तहत दो वर्ष कैद व एक हजार रुपये जुर्माना तथा धारा 427 के तहत दो वर्ष की कैद व एक हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना न भरने की सूरत में दोषियों को अतिरिक्त कैद भी काटनी होगी।
इस संबंध में गांव के जय सिंह ने नारनौंद थाना में 3 जनवरी 2008 को जय सिंह ने शिकायत दी थी। पुलिस ने कईयों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी। अदालत में चले अभियोग के अनुसार पुलिस को दी गई शिकायत में जयसिंह का कहना था कि सांसी जाति कुछ परिवार गांव से बाहर रहते है। तीन जनवरी 2008 को गांव के करीब 50-60 लोग एकत्रित होकर बस्ती की तरफ आए। आरोप था कि आते ही लोगों ने बस्ती में तोडफ़ोड़ करनी शुरू कर दी। बस्ती के अंदर रखे हुए घरेलू सामान को बाहर फेंक कर तोड़ दिया। इतना हीं नहीं कुछ जगह आगजनी भी की। घटना का पता चलने पर पुलिस मौके पर पहुंची थी। इस दौरान पुलिस और ग्रामीणों के बीच भी झड़प हुई थी।