फतेहाबाद

अधिकारियों पर मेहरबान..आमजन पर सितम..वाह री! फतेहाबाद पुलिस

फतेहाबाद (साहिल रुखाया)
ट्रैफिक पुलिस के द्वारा नो पार्किंग में खड़ी गाड़ियों को लेकर आजकल एक विशेष अभियान चलाया जा रहा है। जिस भी व्यक्ति की गाड़ी नो पार्किंग में दिखाई देती है उसे क्रेन की मदद से तुरंत उठा लिया जाता है और उसका चालान कर दिया जाता है। लेकिन हरियाणा सरकार की एक गाड़ी को ट्रेन से उठा कर थाने ले जाने के बाद भी उसका चालान नहीं किया गया।
दुकानदारों के द्वारा फतेहाबाद के जवाहर चौक में नो पार्किंग में खड़ी सरकारी गाड़ी की सूचना ट्रैफिक पुलिस को दी गई। इसके बाद ट्रैफिक पुलिस की क्रेन मौके पर पहुंची और गाड़ी को उठा कर थाने ले गई। इस पूरे प्रकरण की एक वीडियो भी सामने आई है। जिसमें जिन सरकारी अधिकारी की यह गाड़ी थी वह गाड़ी को जब्त नहीं करने को लेकर क्रेन कर्मी से गुहार लगा रहे हैं। ट्रेन के द्वारा गाड़ी को थाने तो ले जाया गया, लेकिन उसका चालान नहीं किया गया। गाड़ी को छोड़ दिया गया। अब इस मामले में दुकानदारों का कहना है कि ट्रैफिक पुलिस के द्वारा आम आदमी की गाड़ी को लेकर शक्ति बढ़ती जाती है और जब्त करने के बाद चालान किया जाता है, लेकिन सरकारी गाड़ी को बिना चालान किए ही छोड़ दिया गया, इसको लेकर दुकानदारों ने ट्रैफिक इंचार्ज रामधन पर काफी गंभीर आरोप लगाए हैं।
वहीं इस मामले में ट्रैफिक इंचार्ज रामधन का कहना है कि यह सरकारी गाड़ी बिजली निगम की थी, जो कि सड़क पर से कम भी हटाने को लेकर आई हुई थी। रामधन ने बताया कि गाड़ी खराब हो गई थी इसलिए उसे क्रेन की मदद से उठाकर ले जाया गया, ताकि उसकी मरम्मत करवाई जा सके। कैमरे पर ट्रैफिक इंचार्ज रामधन साफ तौर पर झूठ बोलते दिखाई दिए। अब सरकारी गाड़ी को उठाने की वीडियो वायरल होने के बाद ट्रैफिक पुलिस की कार्यप्रणाली पर प्रश्नचिन्ह लग गया है।

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