हिसार,
रोडवेज में किलोमीटर स्कीम घोटाला की जांच से ध्यान भटकाने के लिए विभाग के अधिकारी तुगलकी फरमान जारी कर रहे हैं। यह बात आज रोडवेज कर्मचारी यूनियन के जिला प्रधान राजपाल नैन ने एक बयान जारी कर कही। बयान में उन्होंने कहा कि इस घोटाले की विजिलेंस जांच से विभाग के उच्चाधिकारी बौखलाए हुए हैं और इसी बौखलाहट में अधिकारियों ने विभाग द्वारा 2016 में भर्ती किए गए चालकों को हटाने के आदेश जारी किए हैं। उन्होंने कहा कि यूनियन इन आदेशों को किसी भी सूरत में सहन नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि विभाग द्वारा जो चालक हटाए गए हैं वो सभी 2016 में भर्ती किए गए थे और उनकी भर्ती में वहीं प्रक्रिया अपनाई गई थी जो नियमित भर्ती के लिए अपनाई जाती है। तमाम प्रक्रिया पूरी करने के उपरांत ही चालकों को मैरिट के आधार पर भर्ती किय गया था, लेकिन विभाग के कुछ अधिकारी तमाम नियमों व कायदे कानूनों को ताक पर रख कर तथा माननीय कोर्ट के आदेशों की अवहेलना करने से भी बाज नहीं आ रहे हैं।
जिला प्रधान ने कहा कि अधिकारी इस प्रकार आदेश जारी करके कर्मचारी संगठनों को आंदोलन करने के लिए उकसा रहे हैं। उन्होंने कहा कि अधिकारियो के उपरोक्त आदेशों से रोडवेज कर्मचारियों में भारी रोष व गुस्सा है। उन्होंने कहा कि किलोमीटर स्कीम को लेकर रोडवेज कर्मचारियों ने 18 दिन की हड़ताल की गई। इस हड़ताल में माननीय हाईकोर्ट ने स्पष्ट आदेश दिए थे कि सरकार ने कर्मचारियों पर निलम्बन व एस्मा के तहत की गई हर प्रकार की कार्यवाही को आगामी आदेशों तक सस्पैंड किया जाए।
उन्होंने कहा कि किलोमीटर स्कीम घोटाले की विजिलेंस जांच में पक्ष रखने के लिए तालमेल कमेटी को 27 मई को बुलाया गया है, जिसको लेकर तालमेल कमेटी की बैठक आज रोहतक में बुलाई गई है, जिसमें चालकों की सेवा समाप्ति के आदेशों पर व 27 मई को विजिलेंस जांच में अपना पक्ष रखने के लिए गहन विचार विमर्श किया जाएगा। उन्होंने कहा कि विजिलेंस जांच में पुख्ता सबुतों के साथ तालमेल कमेटी अपना पक्ष रखेगी। उन्होंने कहा कि यदि इसकी निष्पक्ष जांच हुई तो इसके दोषी अधिकारी बच नहीं पाएंगे।
जिला प्रधान राजपाल नैन ने का कि यूनियन प्रदेश के मुख्यमंत्री से मांग करती है कि किलोमीटर स्कीम घोटाले में संलिप्त सभी अधिकारियों को तुरंत प्रभाव से परिवहन विभाग से बदला जाए ताकि निष्पक्ष विजिलेंस जांच हो सके।