हिसार

खुशियों का कोई रास्ता नहीं, खुश रहना ही रास्ता : नीरज गुप्ता

भूलने वाली बातें याद है, इसलिए जिन्दगी में विवाद

हिसार
जिंदल स्टेनलेस हिसार लिमिटेड में आर्ट ऑफ लिविंग हिसार से सुमेरू संध्या स्टेट कॉर्डिनेटर नीरज गुप्ता ने तनाव मुक्त जीवन जीने पर कार्यशाला को संबोधित किया। दो दिवसीय कार्यशाला का आयोजन तुलसी भवन में किया गया । कार्यशाला को संबोधित करते हुए नीरज गुप्ता ने बताया कि हम अपने जीवन में खुशियों को टालते रहते हैं। हम अपनी अपनी खुशियों को किसी व्यक्ति, वस्तु या परिस्थिति में ढूंढते हैं। जब मिल जाए तो तुरंत दूसरी ख़ुशी की इच्छा मन में जाग जाती है और ना मिले तो दुखी हो जाते हैं। उन्होने बताया कि खुशियों का कोई रास्ता नहीं, खुश रहना ही रास्ता है।

नीरज गुप्ता ने बताया कि तनाव मुख्यत: दो प्रकार के होते है – शारीरिक और मानसिक। शारीरिक तनाव को दुर करने के लिए हमें अपनी दिनचर्या में योग एवं प्राणायाम को हिस्सा बनाना पड़ेगा। मानसिक तनाव हमारे जीवन में कई प्रकार से होते हैं- किसी ने कुछ बुरा बोल दिया, तो वह बात पकड़ के रखते है। किसी ने कोई गलती कर दी तो उसकी गलती के पीछे मंशा देखते हैं और तनाव में आ जाते हैं। कोई एक विचार को बार बार सोचना भी तनाव का कारण बन जाता है।उन्होने बताया कि भूलने वाली बातें याद है, इसलिए जिन्दगी में विवाद है। उन्होने आगे बताया कि मन को हम केवल साँसों से नियंत्रीत कर सकते हैं, जिसको अभ्यास से किया जा सकता हैं। कार्याशाला में लगभग 20 मिनट का ध्यान भी करवाया गया, जिसके बाद वहाँ मौजुद सभी को शांति का अनुभव हुआ।
कार्यक्रम की समाप्ती पर भारतेंदु हरित ने नीरज गुप्ता का धन्यवाद किया और भविष्य में भी ऐसी कार्यशाला करते रहने का आश्वासन दिया। दो दिनों की कार्यशाला में जे.एस.एच.एल से राजेंद्र रैणा, अशोक राणा, प्रणीत कुमार, नीलेश जैन, डीके वर्मा, अनुपम, प्रदीप अग्रवाल, संदीप अग्रवाल, वीपी गुप्ता, भारतेंदु हरित, सुरेन्द्र बिष्ट, दीपक जैन, दीपांजन के साथ लगभग 250 कर्मचारियों ने भाग लिया।

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