हिसार

कोरोना आपदा के समय सरकारी कर्मचारी निभा रहे अग्रणी भूमिका : धारीवाल

हिसार। आज जहाँ पूरी दुनिया कोरोना वायरस जैसी महामारी से जूझ रही है, ऐसे समय में सरकारी कर्मचारी अग्राणी भूनिका निभाते हुए करोना वायरस के खिलाफ समाज की ढाल बना हुआ है। सरकारी कर्मचारी ना केवल दिन रात अपने दायित्व का पूरी ईमानदारी से पालन कर रहा है बल्कि अपने स्वास्थ्य और जीवन की परवाह न करते हुए प्रत्येक सरकारी कर्मचारी दिन रात समाज को सुरक्षित रखने के लिए अपना कार्य सुचारू रूप से कर रहा है।
यह बात पैंशन बहाली संघर्ष समिति हरियाणा के प्रदेश अध्यक्ष विजेंद्र धारीवाल, थर्मल प्लांट प्रधान वीरेंद्र नैन, प्रेस सचिव दलजीत पंघाल, सचिव नरेश जांगड़ा ने एक संयुक्त बयान में कर कही। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री रिलीफ फंड में भी सरकारी कर्मचारियों का योगदान सबसे अग्रणीय नजर आता है। पेंशन बहाली संघर्ष समिति हरियाणा द्वारा सभी कर्मचारियों से आह्वान किया गया था कि मुख्यमंत्री के आग्रह पर सभी कर्मचारी अपने मार्च महीने के वेतन का 10 प्रतिशत मुख्यमंत्री कोरोना रिलीफ फंड में देंगे जिसका व्यापक असर कर्मचारियों में देखने को मिल रहा है ।
उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री द्वारा कल मीडिया के माध्यम से जारी रिपोर्ट के अनुसार रिलीफ फण्ड में सरकारी कर्मचारियों से अलग 24 करोड़ रुपए जमा हो चुके है, जबकि वेबसाइट पर उपलब्ध अभी तक के आंकड़ों के अनुसार 280000 कर्मचारियों में से 75,000 से अधिक कर्मचारी/ अधिकारी अपने वेतन का 10 त्न या उससे अधिक रिलीफ फण्ड में देने के लिए सहमति दे चुके है जिसका कुल योगदान 36 करोड़ से अधिक बनता है। अब इसके लिए आगामी दो दिन का समय और बढ़ाने की बात मुख्यमंत्री जी द्वारा कहीं गई है।
पैंशन बहाली संघर्ष समिति हरियाणा के प्रदेश अध्यक्ष विजेंद्र धारीवाल, थर्मल प्लांट प्रधान वीरेंद्र नैन, प्रेस सचिव दलजीत पंघाल, सचिव नरेश जांगड़ा ने कहा कि आगामी 2 दिनों में लगभग सभी कर्मचारी/ अधिकारी अपने वेतन का 10 प्रतिशत या अपनी इच्छा अनुसार मुख्यमंत्री हरियाणा कोरोना रिलीफ फंड में देने की सहमति दर्ज कर देंगे जिसमें सरकारी कर्मचारियों/ अधिकारियों का कुल योगदान लगभग सवा सौ करोड़ से अधिक का होगा।
उन्होंने आगे कहा कि पेंशन बहाली संघर्ष समिति हरियाणा कर्मचारियों/ अधिकारियों के साथ- साथ समाज के सभी वर्गों से आग्रह करती है कि देश पर आई इस विकट आपदा के समय में एकजुटता और देश हित का परिचय देते हुए अपनी आय का कम से कम 10 प्रतिशत मुख्यमंत्री राहत कोष या कोरोना रिलीफ फंड में जरूर दें और सरकार अथवा प्रशासन द्वारा लगाई जा रही जिम्मेवारियों और जनता के प्रति अपने कर्तव्य को पूर्ण ईमानदारी और निष्ठा से निभाएं।

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