हिसार,
सामाजिक संस्था सजग के बाद आर्य समाज की सर्वोच्च संस्था सार्वदेशिक आर्य प्रतिनिधि सभा ने भी प्रधानमंत्री से हवन-यज्ञ की परम्परा को देश विदेश में फैलाने की योजना बनाये जाने की मांग की है। सार्वदेशिक आर्य युवक प्रतिनिधि सभा के प्रदेश प्रवक्ता सत्यपाल अग्रवाल ने बताया कि प्रतिनिधि सभा द्वारा 3 मई रविवार को विश्वव्यापी सामुहिक हवन “घर घर यज्ञ” के आह्वान पर देश विदेश में लाखों लोगों ने अपने अपने घरों में हवन किया। हवन-यज्ञ के प्रति लाखों लोगों की आस्था व पर्यावरण शुद्ध करने की वैज्ञानिक प्रमाणिकता को लेकर सार्वदेशिक आर्य प्रतिनिधि सभा के अध्यक्ष स्वामी आर्य वेश ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मांग की है कि अब अवसर है जब हमारी प्राचीन हवन-यज्ञ की महान परंपरा को पूरे विश्व में फैलाने की योजना बना कर पुनः भारत को विश्व गुरु का दर्जा दिलाने की भूमिका निभायें।
अग्रवाल ने बताया कि विगत 27 अप्रैल को इसी मांग को लेकर सामाजिक संस्था सजग व सजग से जुड़ी पर्यावरण बचाओ अभियान समिति सहित अन्य सभी संस्थाओं एवं हैप्पी लाइफ पर कार्यरत हैप्पी लाइफ काउंसिलिंग रिसर्च सेंटर की ओर से उन्होंने प्रधानमंत्री को लिखे एक पत्र के साथ हवन-यज्ञ पर भेजे गए एक प्रस्ताव में कहा गया है कि यज्ञ वातावरण में मौजूद रोगाणुओं (विषाणुओं) को नष्ट करने की क्षमता रखता है और कोरोनावायरस को खत्म करने में भी सहायक सिद्ध हो सकता है। भारतीय परम्परा में हवन केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं है यह सम्पूर्ण ब्रह्माण्ड के पर्यावरण को शुद्ध करने की हमारे ऋषियों द्वारा अनुसंधान की गई वैज्ञानिक विधि है। हवन आधुनिक जीवन- शैली में दिनचर्या बनकर, दुनिया को विनाश के कगार पर ले जा रहे प्रदूषण व जलवायु परिवर्तन से निपटने में मदद कर सकता है। अतः हवन के प्रति जन चेतना जागृत करने के लिए योग दिवस की तरह हवन – यज्ञ दिवस मनाने की परंपरा या कोई अन्य प्ररेणादायक कार्य योजना के रूप में मार्ग प्रशस्त कर पर्यावरण पर भी भारत के नाम विश्व गुरु होने के एक ओर अध्याय को स्थापित करें। इसके दूरगामी परिणाम काफ़ी सार्थक होंगे।
अग्रवाल ने कहा है कि अब विश्व के आर्य समाजों की सर्वोच्च संस्था सार्वदेशिक आर्य प्रतिनिधि सभा द्वारा मांग करने से इसको अधिक बल मिला है। उन्होंने अपील की है कि हवन-यज्ञ करने व प्रेरित करने के लिए सभी संस्थाएं व लोग आगे आयें।