हिसार

हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय की छात्राओं का सामाजिक भलाई के साथ-साथ आत्मनिर्भरता की ओर कदम

गृह विज्ञान महाविद्यालय की छात्राओं का कोविड-19 के चलते अनुठा प्रयास

अब तक विभिन्न संस्थाओं के ऑर्डर पर तैयार कर चुकी हैं 166 बॉडी कवर किट

हिसार,
कोरोना महामारी के चलते मौजूदा हालातों में एक ओर जहां विद्यार्थियों को घर पर रहकर ऑनलाइन पढ़ाई करनी पड़ रही है, वहीं दूसरी ओर हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय की होम साइंस की छात्राओं ने इससे निपटने के लिए कुछ अलग तरीका निकाला है। छात्राएं अब महाविद्यालय की विभागाध्यक्ष एवं प्राध्यापिकाओं के सहयोग से ऑनलाइन प्रशिक्षण हासिल कर कोविड-19 से बचाव के लिए बॉडी कवर किट तैयार कर रही हैं। विश्वविद्यालय गृह विज्ञान महाविद्यालय के सहयोग से कोविड-19 के चलते अपने स्तर पर मास्क का निर्माण एवं वितरण निरंतर कर रहा है।
विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर केपी सिंह ने छात्राओं और विभाग के सदस्यों के इस सहयोग व प्रयास की सराहना की है। साथ ही उन्होंने छात्राओं से आह्वान किया कि वे ओर अधिक मेहनत कर इसको अपनी कमाई का जरिया बनाएं जो उन्हें आत्मनिर्भर बनाने मेें सहायक सिद्ध होगा। इसके साथ यह कार्य पुण्य व भलाई का है जो कोविड यौद्धाओं के लिए मददगार साबित हो रहा है।
ऐसे आया आइडिया
गृह विज्ञान महाविद्यालय की अधिष्ठाता डॉ. बिमला ढाण्डा अनुसार बीएससी अंतिम वर्ष की छात्राओं को इंडस्ट्रीयल अटैचमेंट इन होम साइंस के तहत वस्त्र एवं परिधान निर्माण से जुड़ी हुई कंपनियों के साथ मिलकर उनमें होने वाले कार्यों संबंधी तीन महीने का अनुभव हासिल करना होता है, लेकिन मौजूदा समय में कोविड-19 के चलते जारी हिदायातों अनुसार ऐसा संभव नहीं हो पा रहा था। इसी के चलते वस्त्र एवं परिधान अभिकल्सन विभाग की विभागाध्यक्ष प्रोफेसर डॉ. नीलम एम. रोज व सहायक प्रोफेसर डॉ. सरोज यादव व छात्राओं ने विचार-विमर्श के बाद फैसला लिया गया कि कुछ ऐसा किया जाए जिससे कोरोना वायरस की वजह से छात्राओं की पढ़ाई भी बाधित न हो और उनका अंतिम वर्ष का तीन महीने का कोर्स वर्क भी पूरा किया जा सके। इसी कड़ी में छात्राओं को घर पर रहकर ही ऑनलाइन माध्यम से कंपनियों की तरह ही घर में रखे हुए कपड़ों का उपयोग करके उपयोगी उत्पाद बनाना सिखाया गया। इसमें ऑनलाइन वीडियो द्वारा छात्राओं को बॉडी कवर किट तैयार करना सिखाया गया जिसमें हैड कवर, सुरक्षात्मक गाउन, पायजामा और जुते के कवर शामिल हैं। इसके अलावा मास्क व फेस शिल्ड भी तैयार करवाए गए। बॉडी कवर किट तैयार करने में कॉलेज कैंपस में रहने वाली विभाग की छात्राएं रेनू, महक, सुमन, सरला व रेनू की भूमिका मुख्य है।
विभिन्न संस्थाओं से मिले ऑर्डर, तैयार की 166 किट
कॉलेज की अधिष्ठाता डॉ. बिमला ढांडा ने बताया कि छात्राओं के इस हुनर को देखते हुए विभिन्न संस्थाओं ने कोविड-19 से बचाव के लिए सुरक्षा कवच के रूप में बॉडी किट बनवाने के ऑर्डर भी दिए हैं। अभी तक छात्राएं 166 किट तैयार कर 21,700 रूपये भी कमा चुकी हैं। हालांकि इन बॉडी कवर किट को तैयार करवाने के लिए छात्राओं को स्वयं सामाजिक सस्थाओं द्वारा सारा मैटिरियल उपलब्ध करवाया जाता है। छात्राओं को केवल सिलाई ही करनी थी। डॉ. बिमला ढांडा के अनुसार वस्त्र एवं परिधान अभिकल्पन विभाग की छात्राएं विभागाध्यक्ष प्रोफेसर डॉ. नीलम एम. रोज व सहायक प्रोफेसर डॉ. सरोज यादव से इस हुनर को सीख रही हैं। उन्होंने बताया कि यहां से सीखकर छात्राएं वस्त्रों से विभिन्न प्रकार के उत्पाद तैयार कर अपनी आमदनी का जरिया बना सकती हैं, जो आत्मनिर्भरता की दिशा में अहम् कदम होगा।

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