हिसार

घरों में काम करने वाली महिलाओं की अभी तक नहीं मजदूर के रूप में पहचान : बबली लांबा

घरेलू कामगार यूनियन के बैनर तले घरों में काम करने वाली महिलाओं ने धरना दिया

हिसार,
जनवादी महिला समिति से संबंधित घरेलू कामगार यूनियन के बैनर तले सैंकड़ों घरेलू कामगार महिलाओं ने अपनी मांगों बारे लघु सचिवालय के समक्ष धरना दिया और मुख्यमंत्री को उपायुक्त के माध्यम से ज्ञापन भेजा। धरने की अध्यक्षता यूनियन की प्रधान विद्या ने की।
कार्यक्रम के तहत घरों में झाड़ू पौंछा लगाने व खाना बनाने का काम करने वाली अलग—अलग मोहल्लों से महिलाएं एकत्रित हुई और धरना दिया। धरने को संबोधित करते हुए जनवादी महिला समिति की जिला की कार्यवाहक अध्यक्ष बबली लांबा ने कहा कि हरियाणा भर में हजारों महिलाएं घरों में साफ-सफाई करने, खाना बनाने व अन्य सेवाएं प्रदान करने का महत्वपूर्ण काम करती हैं लेकिन एक मजदूर के तौर पर उनकी पहचान नहीं है। कोरोना महामारी के दौरान बहुत सारी घरेलू कामगार महिलाओं का काम छूट गया है या फिर काम बेहद कम हो गया है। सरकार द्वारा घोषित राहत पैकेज से भी ज्यादातर घरेलू कामगार महिलाएं वंचित रह गई हैं। ऐसे में घरेलू कामगारों के लिए घर का खर्च चलाना व जीवन यापन करना बेहद कठिन काम हो गया है। घरेलू कामगारों के लिए साल 2008 में बनाया गया असंगठित क्षेत्र का कानून भी हरियाणा में लागू नहीं किया गया है। यूनियन की सचिव लक्ष्मी और कोषाध्यक्ष सुदेश रानी ने कहा कि घरेलू कामगारों का पंजीकरण होना चाहिए और उनको श्रम कानूनों के दायरे में लाना चाहिए।
इस अवसर पर यूनियन ने अपने ज्ञापन में मांगे रखी जिनमें मुख्य रूप से हर घरेलू कामगार महिला को छः महीने तक मुफ्त राशन देने, घरेलू कामगार महिला को 6 माह के लिए 75त्रत्र रुपए नगद देने, कामगार महिला के बच्चों की 6 महीने की फीस माफ़ करने, कामगार महिलाओं की मुफ्त जांच और टेस्टिंग करवाने, कामगार महिलाओं का पंजीकरण करवाने व उन्हें श्रम कानूनों के दायरे में लाने, न्यूनतम वेतन की गारंटी लागू करने, घरेलू कामगार के अधिकारों के लिए नया कानून बनाने, उनके लिए पेंशन, स्वास्थ्य सुविधाएं, प्रोविडेंट फंड इत्यादि मुहैया करवाने, घरेलू कामगारों के बच्चों को वजीफा देने, मकान मालिकों के दुर्व्यवहार पर रोक लगाने, प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मकान देने, ईएसआई और पीएफ की सुविधा देने की मांग की रखी गई।
धरने को सीटू के जिला प्रधान सुरेश कुमार, दिनेश सिवाच ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर शांति देवी, सुमित्रा, शर्मिला, सुमन, राधो, रेखा, अस्मिता, नर्मदा आदि उपस्थित थी।

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