फतेहाबाद (साहिल रुखाया)
मूंगफली बेचने के लिए अनाज मंडी में पहुंचे किसानों के द्वारा आज सरकार और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। किसानों का कहना था कि ‘मेरी फसल मेरा ब्यौरा’ के तहत उन्हें प्रशासन द्वारा मैसेज किया गया कि मूंगफली की सरकारी खरीद 2 नवंबर से शुरू की जानी है और वह अपनी मूंगफली लेकर अनाज मंडी में आ जाए। आज किसान ट्रालियों में भरकर अपनी मूंगफली अनाज मंडी लेकर पहुंचे। लेकिन मार्केट कमेटी और हैफेड के द्वारा उनकी मूंगफली की खरीद करने से इनकार कर दिया गया।
हैफेड का कहना था कि उनके पास आज मूंगफली रखने के लिए कोई पुख्ता प्रबंध और लेबर नहीं है। इसके बाद किसानों का गुस्सा भड़क गया और उन्होंने जमकर नारेबाजी की। किसानों के द्वारा मार्केट कमेटी सचिव संजीव सचदेवा का घेराव भी किया गया। इसके बाद मार्केट कमेटी सचिव ने फिर से बातचीत कर आज शाम तक खरीद करने का आश्वासन किसानों को आश्वासन दिया।
किसान देवराज ने बताया कि वह प्रशासन के मैसेज के बाद मूंगफली लेकर अनाज मंडी पहुंचे थे। यहां पहुंचने पर हैफेड और मार्केट कमेटी ने उनकी मूंगफली खरीदने से मना कर दिया और कहा कि मूंगफली की खरीद 5-6 दिन बाद की जाएगी। उन्होंने कहा कि इससे किसानों को काफी नुकसान हुआ है। किसान किराए पर साधन करके फसल को लोड करके मंडी में पहुंचते हैं। ऐसे में वाहन का किराया और लोडिंग और अनलोडिंग का पूरा खर्च किसान का लग जाता है। इसके चलते किसानों में प्रशासन और सरकार के प्रति रोष है। जब प्रशासन खुद मैसेज करके उन्हें बुलाता है तो उनकी फसल खरीदी क्यों नहीं जाती। इससे किसानों पर दुगना आर्थिक बोझ पड़ता है।
वही इस संबंध में फतेहाबाद मार्केट कमेटी के सचिव संजीव सचदेवा से बात की गई तो उन्होंने बताया कि किसानों की समस्या के बाद उन्होंने हैफेड से इस मामले में बातचीत की है। हैफेड को जगह मुहैया करवाई गई है और उन्हें उम्मीद है कि आज शाम तक मूंगफली की खरीद कर ली जाएगी।