हिसार

देश के इतिहास में पहली बार किसी सरकार ने किसानों को खालिस्तानी व टुकड़े-टुकड़े गैंग कहकर अपमानित किया : गर्ग

केंद्र सरकार तीन कृषि कानूनों को वापिस लेने की बजाए किसान आंदोलन को विफल करने की कोशिश में लगी

हिसार,
हरियाणा प्रदेश व्यापार मंडल के अध्यक्ष व हरियाणा कॉन्फैड के पूर्व चेयरमैन बजरंग गर्ग ने कहा है कि देश के इतिहास में पहली बार किसी सरकार ने किसान आंदोलन का विफल करने के लिए किसानों को खालिस्तानी व टुकड़े-टुकड़े गैंग कहकर अपमानित किया है। सरकार की यह भाषा निंदनीय है लेकिन देश की जनता पूरी तरह किसानों के साथ खड़ी है।
प्रांतीय अध्यक्ष बजरंग गर्ग ने कहा कि केंद्र सरकार किसान आंदोलन में फूट डालने की कोशिश करने की बजाए तीन कृषि कानूनों को तुरंत प्रभाव से वापिस लें। ये तीन कृषि कानून देश के हर नागरिक के खिलाफ है। इससे देश में बेतहाशा महंगाई बढ़ेगी और खाद्य सामग्री, सब्जी, फल व जरूरत का सामान कई गुना महंगा हो जाएगा। उन्होंने कहा कि अंबानी-अडानी व बड़ी-बड़ी कंपनियों के मालिक अनाज, सब्जी, फल व हर जरूरत के सामान की जमाखोरी करके उसी सामान को 10 गुणा रेटों में आप जनता को बेच कर भारी मुनाफा कमा कर जनता को लूटने का काम करेंगे। जिस प्रकार खुदरा व्यापार पर बड़ी-बड़ी कंपनियों का देश में कब्जा होता जा रहा है, उसी प्रकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने चहेतों अंबानी-अडानी जैसे बड़े उद्योगपतियों का कृषि क्षेत्र में कब्जा करवाने के के उद्देश्य से ये तीन कृषि काले कानून थोपने पर अड़ी हुई है। जब देश व प्रदेश का किसान, आढ़ती व आम जनता तीन कृषि कानून के विरोध में है तो केंद्र सरकार जबरन तीन कृषि कानून क्यों थोपना चाहती है यह सोचने की बात है। केंद्र सरकार कृषि कानून लागू करके देश के किसान, आढ़ती व आम जनता को बर्बाद करने में तुली हुई है और प्रधानमंत्री किसान, आढ़ती व मजदूरों को अंबानी अडानी जैसे बड़े घरानों का गुलाम बनाने में लगे हुए हैं।

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