हिसार

माइयड़ टोल प्लाजा धरने पर किसानों ने ताली-थाली बजाकर मोदी को अपने मन की बात सुनाने का किया प्रयास

सरकार के तीन कानून वालिस लेने तक मैयड़ टोल प्लाजा को फ्री रखने का ऐलान

हिसार,
निकटवर्ती गांव माइयड़ टोल प्लाजा पर किसानों ने ताली और थाली बजाकर अपने मन की बात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सुनाने का प्रयास किया। भारतीय किसान संघर्ष समिति के जिला अध्यक्ष बबलू खरड़, पूर्व जिला पार्षद प्रतिनिधि मनोज राठी व किसान नेता जोगिंदर मैयड़ ने एक संयुक्त बयान में कहा कि आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हिंदुस्तान के लोगों को अपने मन की बात सुनाई। हम हिन्दुस्तान के किसान ताली और थाली बजाकर अपने मन की बात प्रधानमंत्री, हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर व उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला को सुनाना चाहते हैं कि अगर ये तीनों काले कानून हमारे देश में लागू रहते हैं तो किसान बर्बाद हो जाएंगे। किसानों की आने वाली नस्लें बर्बाद हो जाएंगी। जब खेत में इनकम नहीं होगी तो किसान कर्ज के नीचे दब जाएगा और मजबूरी में उसको अपना खेत बेचना पड़ेगा। जिस खेत की मिट्टी से किसान अपनी जान से भी ज्यादा प्यार करता है और उसको अपनी मां मानता है। उसको इन काले कानूनों की बदौलत वह बेचने पर मजबूर हो जाएगा। कुछ सालों बाद यह सारी जमीन बड़े उद्योगपतियों व बड़े साहूकारों के पास चली जाएगी फिर इस देश में दो ही वर्ग होंगे एक गरीब वर्ग और एक अमीर वर्ग।
उन्होंने कहा कि किसान गरीब और अमीर वर्ग के बीच का सेतु है। आज बड़े उद्योग व कार्पोरेट घरानों को एग्रीकल्चर में ज्यादा इनकम दिखाई देती है। इसीलिए सरकार पर दबाव बनाकर भंडारण जैसा कानून बनवाकर किसानों की फसलों का भंडारण करके ज्यादा फायदा कमाने के फिराक में है। आज पूरे देश के किसानों का बच्चा-बच्चा ताली और थाली बजाकर मोदी को अपने मन की बात सुनाने के लिए आतुर है। उन्होंने कहा कि हमें मोदी के मन की बात सुनते हुए तो हमें 6 साल हो गए हैं। हमारी उनसे प्रार्थना है कि 1 दिन के लिए हम किसानों की मन की बात नहीं सनें।
आज हिसार जिला से भारी तादात में ट्रैक्टर ट्रालियों, गाडिय़ों, बसों में भरकर किसान शाहजहांपुर बॉर्डर की तरफ रवाना हुए हैं। अब टिकरी और सिंधु बॉर्डर की तरह शाहजहांपुर बॉर्डर पर भी 10 लाख से 20 लाख किसान एकत्रित होकर उस क्षेत्र को भी सील करने का काम करेंगे। किसान पिछले 1 महीने से शांतिपूर्ण धरना देकर सरकार से अपनी मांग मंगवाने के लिए प्रार्थना कर रहे हैं जबकि सरकार किसानों के बीच में फूट डालने की कोशिश कर रही है। कभी जातिवाद फैला रही है, कभी धर्मवाद फैला रही है, कभी हरियाणा और पंजाब के किसानों का आपस में एसवाईएल नहर का सहारा लेकर झगड़े जैसी स्थिती उत्पन्न कर रही है लेकिन आज किसान समझ चुका है कि बीजेपी सरकार उन्हें आपस में लड़ाना चाहती है इसीलिए आज सभी भेदभाव को भुलाकर पूरे देश का किसान एक हो चुका है और उनकी एक ही मांग है कि ये तीनों काले कानून रद्द किए जाएं और किसानों की मांगों को पूरा किया जाए।
उन्होंने कहा कि आज से हरियाणा के सभी टोल जब तक आंदोलन रहेगा फ्री रहेंगे। मैयड़ टोल पर हिसार के आसपास गांव के युवाओं की ड्यूटी रहेगी। यह टोल तब तक फ्री रहेगा जब तक सरकार किसानों की मांग नहीं मानेगी।
इस मौके पर मुख्य रूप से भारतीय किसान संघर्ष समिति के जिला अध्यक्ष बबलू खरड़, पूर्व जिला पार्षद मनोज राठी, रघुवीर सिंह खरड़, रामचंद्र, रतन सिंह, प्रदीप कुमार, रामकिशन भगाना, वकील रघुवीर सिंह, रणधीर, बलराज मलिक, ईश्वर मास्टर, जोगेंद्र, सोमबीर, कुलदीप खरड़, राजपाल, रामविलास जांगड़ा व विकास मैयड़ आदि मौजूद रहे।

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Jeewan Aadhar Editor Desk