आदमपुर,
हिसार सदर थाना पुलिस ने सोना तस्करी मामले में मंडी आदमपुर के जवाहरनगर से गोल टंकी से आदमपुर निवासी विजय को गिरफ्तार किया है। विजय को पुलिस ने अदालत में पेश कर चार दिन के रिमांड पर हासिल किया है। सीआईए-1 टीम ने उपनिरीक्षक सतबीर सिंह के नेतृत्व में आरोपित को गिरफ्तार किया है। गौरतलब है कि सदर थाना पुलिस ने 17 जनवरी को मंडी आदमपुर निवासी बलबीर की शिकायत पर धारा 395, 397 और 120 बी के तहत केस दर्ज किया था। पुलिस को दी शिकायत में बलबीर ने बताया था कि 17 जनवरी को वह दोपहर करीब 3.30 तीन बजे अपने दोस्त आदमपुर निवासी सुनील, संदीप के साथ अपनी कार में सवार होकर भाई सुशील से सोना लेकर आया था। ये सोना उसे राजस्थान के राजगढ़ में पहुंचाना था और उसे इसके बदले में पांच हजार रुपये मिलने थे। जब वह बालसमंद के पास पहुंचा था तो बोलेरो कैंपर गाड़ी ने सामने से टक्कर मार दी। वही एक कार ने पीछे से टक्कर मारी। उन गाड़ियों में से 6-7 युवक उतरे थे। वे हम पर हमला करने का प्रयास करने लगे। इस दौरान वहां से भागकर आसपास छिप गए थे। बलबीर ने बताया था कि उस दौरान आरोपित कार में रखे 4200 रुपये व सोना लूटकर ले गए थे।
पुलिस पूछताछ में आरोपित विजय ने बताया कि वह और सुशील बचपन के दोस्त है। विजय ने बताया कि सुशील वर्ष 2016 में दुबई गया था। विजय ने बताया कि सुशील ने उसे बताया था कि उसका दोस्त दुबई में रहता है वो अपना सोना किसी व्यक्ति के माध्यम से चंडीगढ़ भेजेगा। ये सोना उसे राजगढ़ पहुचाना है। वह अपनी गाड़ी लेकर अमृतसर उसके साथ चले, जिसका उसे किराया भी देगा। विजय ने बताया कि उस दौरान वह सुशील के साथ अमृतसर गया। वहां से दोनों सोना लेकर हिसार पहुंचे थे। विजय ने बताया कि उसे लालच आ गया। जिस पर उसने सोना लूटने को लेकर अपने दोस्त जाखोद खेड़ा निवासी देवेन्द्र उर्फ पहलवान, संजय, जांडली कला निवासी सुनील उर्फ लम्बू, रामराय निवासी अमित और किरडान निवासी विक्रम से मिलकर सुशील से सोना लूटने की योजना बनाई। विजय ने बताया कि इसी योजना के तहत 16 जनवरी की रात सुरेवाला चौक के पास राजेश की गाड़ी में टक्कर मारकर एक बैग छीना। विजय को उन्होंने व्हाट्सएप कॉल कर बताया कि लूटे हुए बैग में सोना नहीं है। विजय ने बताया कि उस दौरान सुशील के भाई कमल ने सुशील को बताया था कि राजेश की गाड़ी का सुरेवाला के पास एक्सीडेंट हो गया है। उस दौरान सुशील और कमल दोनों सुरेवाला गए और वहां से सोना लेकर मंडी आदमपुर आ गए। विजय ने बताया कि फिर उसने व्हाट्सएप कॉल कर देवेंद्र को सुशील की गाड़ी का नंबर बताया। लेकिन रास्ते में ही सुशील ने ये गाड़ी बलबीर को दे दी। इस पर देवेंद्र अपने साथियों सहित बालसमंद रोड पर पहुंचा और बलबीर की कार में टक्कर मारकर सोना व रुपये लूटने का प्रयास किया। उस दौरान ये सभी कार में लगे स्पीकर को उठा लाए, क्योंकि अंदेशा था कि ये सोना स्पीकर में होगा। मामले में पुलिस ने बताया कि ये सोना उस स्पीकर में भी नहीं मिला।