हिसार

सामाजिक कार्यकर्ता राजेश हिन्दुस्तानी को हाथ में तिरंगा थामे हुए 2990 दिन हुए

2990 दिनों से लगातार हाथ में तिरंगा थामकर लोगों में राष्ट्रप्रेम की भावना जगा रहे राजेश हिन्दुस्तानी

देश के बगैर वेतन के सच्चे सेवक, सैनिक और सिपाही हैं हिन्दुस्तानी, 8 वर्ष दो महीने 7 दिन से हाथ में तिरंगा थामें हैं राजेश हिन्दुस्तानी

हिसार,
राष्ट्र व मानवता को समर्पित संस्था जागो मानव-बनो इंसान के अध्यक्ष रामपुरा मोहल्ला हिसार निवासी व सामाजिक कार्यकर्ता गंगापुत्र राजेश हिंदुस्तानी पिछले 8 वर्ष दो महीने 7 दिन 2990 दिनों से राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा हाथ में रोजाना उठाए हुए हैं। वैसे तो पहले भी कई सालों से व अन्ना आंदोलन से जुडक़र तिरंगा रोजाना उनके हाथ में रहा पर अन्ना व रामदेव के 2012 मे आंदोलन विफल होने पर देश जागृति हेतु 19 नवंबर 2012 से देशभक्तों व शहीदों के सम्मान व उनके सपने को पूरा करने लोगों में राष्ट्र भक्ति की भावना पैदा करने हेतु हाथ में उठाया था तब से वे रोजाना हाथ में तिरंगा झंडा लेकर घर से निकलते हैं व करीब 15, 18, 20 घंटे तिरंगा उनके हाथ में रहता है। ज्यादा दूरी के सफर व ट्रेनों व बसों में भी लोगों को देश भक्ति प्रेरणा देते हुए उनके सवालों के जवाब और राष्ट्रीय मुद्दों पर चर्चाएं करते 24-24 घंटे भी उनके हाथ में तिरंगा रहा है। 7 राज्यों के कई शहरों, गांवों के लाखों, करोड़ों लोगों को जय हिंद, वंदे मातरम, भारत माता की जय, इंकलाब जिंदाबाद, सत्यमेव जयते के नारे बुलवाकर देशभक्ति का अर्थ समझाते लोगों को निजी स्वार्थों की बजाय कुछ समय देश और समाज के लिए देने का आग्रह भी करते हैं ताकि शहीदों के सपने साकार हों। उन्होंने कहा कि कुछ लोग भले ही किसी विशेष दिन तिरंगा उठाकर देशभक्त होने का दिखावा करते हैं लेकिन तिरंगे के सिद्धांतों, मूल्यों को अपने जीवन में ढालना और उनको अमलीजामा पहनाकर अपना तन, मन, धन देश को समर्पित करना बेहद कठिन व दुष्कर कार्य है। अच्छी बात है कि तिरंगा उठाएं पर उठाकर जाति व धर्मों से ऊपर उठकर समाज हित के लिए कुछ करें तभी तिरंगा उठाने की सार्थकता है अन्यथा 15 अगस्त, 26 जनवरी को तो अधिकारी, नेता व अन्य रस्म अदायगी करके तिरंगे को भूल जाते हैं और पीडि़तों, शोषितों, वंचितों के लिए संघर्ष करना तो दूर उनको न्याय, इंसाफ तक नहीं मिलता। राजेश हिन्दुस्तानी ने तिरंगे के सिद्धांतों व मूल्यों को अपने जीवन में पूरी तरह आत्मसात किया है कि वे अपना सुख-चैन, भूख-प्यास व शरीर की परवाह किए बगैर तन, मन, धन देश को समर्पण की तर्ज पर पीडि़तों और हर वर्ग के लोगों की उम्मीद व आवाज बनकर अपना पूरा समय देश व समाज हित को देते हैं। रास्ते में जाते हुए लोग उन्हें रोककर उन्हें अपनी समस्याएं बताते हैं तो वे उनकी मदद करते हैं और प्रशासन व सरकार के समक्ष उनकी समस्या उठाकर उन्हें न्याय दिलाते हैं। लाखों लोगों के बीच बस स्टैण्ड, रेलवे स्टेशन व अन्य स्थानों पर तिरंगा लेकर निकलना बेमिसाल कार्य है। लोग उन्हें पागल, सनकी, बेवकूफ, मूर्ख तो कह ही देते हैं कई गाली देते हैं और उनसे झगड़ा तक कर लेते हैं लेकिन वे राष्ट्र प्रेम की भावना लोगों में पैदा करने हेतु हर दुख सहते हुए राष्ट्र जागृति मिशन जारी रखे हुए हैं। शहीदों को याद करने की मुहिम के साथ उन्होंने कई असंभव लगने वाले जनहित के कार्य किए जिनसे निराश लोगों में एक नई ऊर्जा उन्हें देखकर भर जाती है। समाज सेवा, देश सेवा, देश प्रेम, इंसानियत गंगापुत्र राजेश हिन्दुस्तानी जैसे इंसान से आज लोगों को प्रेरणा लेने की जरूरत है जब स्वार्थों में अंधे लोग खुद तक सीमित होकर रह गए हैं। राजेश हिन्दुस्तानी देश के संविधान व तिरंगे के आदर्शों को जी रहे हैं। उनके प्रयासों से काफी बदलाव आया है और हिन्दुस्तानी को पागल कहने वाले लोग भी उनकी प्रेरणा से जयंहिद व वंदेमातरम के नारे लगाने लगे हैं। विभिन्न पार्टियों के लोग भी उनसे प्रेरणा लेकर आज तिरंगा उठा रहे हैं। देश के बगैर वेतन के सच्चे सेवक, सैनिक और सिपाही हैं हिन्दुस्तानी।
वहीं हिन्दुस्तानी के नेतृत्व में राजीव नगर में महाबीर कालोनी जलघर में सीवरेज डिस्पेाजल बनाने से रोकने, राजीव नगर में डंपिंग स्टेशन बनाने के विरोध स्वरूप, शुद्ध पेयजल, जलघर की सफाई व टूटी दीवारों को ठीक कराने, राजीव नगर में पार्क, कम्युनिटी सेंटर या धर्मशाला, शांति नगर, राजीव नगर से सैक्टर 1-4 तक सडक़ व सफाई व कूड़ा उठाने, स्ट्रीट लाइट की मांगों को लेकर 1738 दिनों से धरना जारी है। फेसबुक पर हिन्दुस्तानी की मुहिम से 5 हजार से अधिक लोग जुड़े हैं।

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