हिसार,
शहीद चंद्रशेखर आजाद की पुण्यतिथि पर आज भारत विकास परिषद विवेकानंद शाखा द्वारा क्रांतिमान पार्क स्थित उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया व श्रद्धांजलि दी गई। इस अवसर पर प्रकल्प प्रमुख अशोक शर्मा ने बताया मां भारती के लाल चन्द्रशेखर आजाद ने आजाद ही जीने और आजाद ही मरने की कसम खाई थी। इसीलिए उन्होंने अंग्रेजों का डटकर सामना किया और शहीद हुए।
अशोक शर्मा ने बताया कि शहीद चन्द्र शेखर आजाद प्रखर देशभक्त थे। चन्द्रशेखर आजाद ने वीरता की नई परिभाषा लिखी थी। उनके बलिदान के बाद उनके द्वारा प्रारम्भ किया गया आन्दोलन और तेज हो गया, उनसे प्रेरणा लेकर हजारों युवक स्वतंत्रता आंदोलन में कूद पड़े। आजाद की शहादत के सोलह वर्षों बाद 15 अगस्त 1947 को हिन्दुस्तान की आजादी का उनका सपना पूरा तो हुआ किन्तु वे उसे जीते जी देख न सके। सभी उन्हें पण्डितजी ही कहकर सम्बोधित किया करते थे।
इस अवसर पर अध्यक्ष राजेश जैन, मांगेराम गुप्ता, सीताराम मंगल, अशोक गर्ग, संजीव गोयल, सूर्य गोयल, प्रदीप बंसल, एडवोकेट राजेंद्र पंघाल व रणवीर असीजा उपस्थितमांगेराम गुप्ता, सीताराम मंगल, अशोक गर्ग, संजीव गोयल, सूर्य गोयल, प्रदीप बंसल, एडवोकेट राजेंद्र पंघाल व रणवीर असीजा उपस्थित आदि उपस्थित रहे।