आदमपुर,
पिछले कुछ दिनों से व्यापार मंडल और मार्केट कमेटी सचिव आमने—सामने है। एक तरफ व्यापारी अधिकारी महोदय पर भ्रष्टाचार का आरोप लगा रहे हैं वहीं अधिकारी महोदय व्यापारियों की पोल खोलने में लगे हुए हैं। दोनों तरफ से तलवारें खींची हुई हैं। व्यापारी धरना लगाकर बैठे हैं। वहीं अधिकारी महोदय धरने पर पैनी नजर लगाकर बैठे हैं।
इसी कड़ी में मंगलवार को मार्केट कमेटी में आला अधिकारी पहुंचे। काफी देर तक आला अधिकारियों ने मार्केट कमेटी सचिव से बात की। मार्केट सचिव ने पूरे तथ्यों सहित विवरण रखा। सचिव ने आला अधिकारियों से मार्केट फीस का पूरा रिकॉर्ड भी सांझा किया। रिकॉर्ड काफी कुछ कहानी कहता हुआ नजर आया। इसके चलते आला अधिकारी भी मार्केट सचिव की कार्यप्रणाली से संतुष्ठ नजर आएं। सूत्रों के अनुसार मार्केट कमेटी के सचिव ने अलग—अलग सालों की मार्केट फीस की तुलना करते हुए अपने आंकड़े पेश किए। इसमें सरकार के राजस्व को लाखों रुपयों का लाभ पहुंचा है।
वहीं अब आला अधिकारियों ने व्यापारियों के आरोपों की जांच करते हुए कमेटी के एक कर्मचारी को काफी खरी—खोटी भी सुनाई। सूत्रों का कहना है कि व्यापारियों के धरने और विरोध की गाज अब 2 से 4 दिन में उक्त कर्मचारी पर गिर सकती है। आला अधिकारी उक्त कर्मचारी का तबादला करके व्यापारियों को भी खुश करना चाहते हैं साथ ही सरकार के राजस्व बढ़ाने के लिए सचिव महोदय को इस सीजन आदमपुर में रखकर उनकी भी पीठ थपथपाने चाह रहे हैं। वहीं कुछ अपुष्ट सूत्रों के अनुसार इस मामले की गाज पहले सचिव और फिर उक्त कर्मचारी पर गिरने वाली हैं।










