हिसार

एचएयू व कृषि विभाग मिलकर कपास फसल की बिजाई के लिए करेगा जागरूक

एचएयू वैज्ञानिक जिले के प्रत्येक ब्लॉक में प्रदर्शनी प्लांट लगाकर देंगे टिप्स

हिसार,
हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय हिसार के वैज्ञानिक एवं हरियाणा सरकार का कृषि एवं किसान कल्याण विभाग मिलकर संयुक्त रूप से किसानों के लिए एक जागरूकता अभियान चलाएंगे। इसके लिए वैज्ञानिकों की टीम गांवों-गांवों जाकर किसानों को जागरूक करेगी। यह फैसला पिछले साल कपास की फसल में आई बीमारियों से नष्ट हुई किसानों की फसल को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। इसके लिए प्रदेश के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री जेपी दलाल एवं विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. समर सिंह के साथ हुई वैज्ञानिकों एवं अधिकारियों की बैठक में लंबे विचार-विमर्श के बाद एक अभियान चलाने का निर्णय लिया गया था, जिसे अब कपास की फसल की बिजाई से पहले ही किसानों को जागरूक करने के लिए चलाया जाएगा।
विश्वविद्यालय की सिफारिशों अनुसार करें बिजाई एवं देखभाल : प्रो. समर सिंह

विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. समर सिंह ने कहा कि पिछले वर्ष बीमारियों से नष्ट हुई फसलों की जांच-पड़ताल करने से पता चला कि जिन किसानों ने विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों द्वारा बताई गई सिफारिशों अनुसार फसलों की बिजाई की थी उनकी फसल में बीमारियों का असर अन्य फसलों की तुलना में न के बराबर रहा था। इसलिए किसानों को इस बारे में जागरूक करने के लिए यह अभियान चलाया जाएगा जिसमें विश्वविद्यालय के वैज्ञानिक स्वयं जिले के ब्लॉक वाइज क्षेत्र में किसानों के खेतों में प्रदर्शनी प्लांट लगाकर किसानों को डेमो देंगे। इसके अलावा खंड कृषि अधिकारियों एवं किसानों को इस बारे में प्रशिक्षण भी दिया जाएगा, जिसमें कपास की फसल को लेकर विभिन्न कीटनाशकों के प्रयोग एवं बीमारियों की पहचान कर समय पर उनके उपचार की जानकारी दी जाएगी।
वैज्ञानिकों की टीम गठित, जल्द शुरू करेंगे काम

विश्वविद्यालय के अनुसंधान निदेशक डॉ. एस.के. सहरावत के अनुसार इस अभियान को सफल बनाने के लिए विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों की एक टीम गठित कर दी गई है। इस टीम में आनुवांशिकी एवं पौध प्रजनन विभाग से सहायक वैज्ञानिक डॉ. सोमवीर, सहायक सस्य विज्ञानी डॉ. करमल सिंह, प्लांट पैथोलोजिस्ट डॉ. मनमोहन सिंह, कीट विज्ञानी डॉ. अनिल को शामिल किया गया है। इसके अलावा टीम में एक मृदा वैज्ञानिक और प्लांट पैथोलोजिस्ट भी शामिल होंगे, जो मिट्टी की जांच आदि की जानकारी देंगे। कपास अनुभाग के अध्यक्ष डॉ. ओमेंद्र सांगवान ने बताया कि कपास अनुभाग के वैज्ञानिक लगातार कपास फसल में पैराविल्ट, पोषक तत्वों की कमी, सूखे के कारण कपास फसल के सूखने के कारणों का पता लगाएंगे और इनके निदान की संभावनाएं तलाशेंगे। इसके अलावा किसानों के खेतों में पांच या इससे अधिक स्थानों पर जहां हल्की मिट्टी है, प्रदर्शनी प्लांट लगाकर किसानों को जागरूक किया जाएगा।

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