जान की सलामती के लिए थोड़ा का डर सभी के लिए अच्छा : कुलपति
हिसार,
गुरु जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, हिसार के एल्मुनाई रिलेशंस विभाग के सौजन्य से शनिवार को ‘कोविड-19 के फीयर फेक्टर’ विषय पर वेबिनार का आयोजन किया गया। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. टंकेश्वर कुमार वेबिनार के मुख्य अतिथि थे जबकि कुलसचिव प्रो. अवनीश वर्मा विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। केंद्रीय मनोचिकित्सा संस्थान हिसार के क्लीनीकल मनोवैज्ञानिक एवं विश्वविद्यालय के मनोविज्ञान विभाग के पूर्व विद्यार्थी डॉ. पवन कचोरिया वेबिनार के वक्ता थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता डीन एलुमनी रिलेशंस प्रो. राजेश लोहचब ने की। एल्मुलाइ रिलेशंस विभाग के संयुक्त सचिव-सह-कोषाध्यक्ष प्रो. राकेश बहमनी वेबिनार के संयोजक थे।
कुलपति प्रो. टंकेश्वर कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि कोविड-19 के दौरान फीयर फेक्टर अच्छा और बुरा दोनों है। उन्होंने बताया कि थोड़ा सा डर हम सभी के लिए अच्छा है ताकि उनकी जान को कोई नुकसान न हो और स्वस्थ रहें। दुनिया में कोई भी बुनियादी ढांचा कोविड-19 के लिए पर्याप्त नहीं है क्योंकि कोविड-19 संक्रमित आबादी की एक छोटी संख्या भी बहुत अधिक स्वस्थ संसाधनों की मांग करती है। उन्होंने सुझाव दिया कि हमें अपने आप को कोविड से बचाने के लिए सभी प्रकार की सावधानी बरतनी चाहिए, टीकाकरण करवाना चाहिए और अपने स्तर पर समाज में योगदान देना चाहिए।
कुलसचिव प्रो. अवनीश वर्मा ने कहा कि यह विषय इस समय बहुत महत्वपूर्ण है। कोविड हमारे जीवन को स्वास्थ्य प्रभाव, वित्तीय प्रभाव आदि जैसे कई कारकों में प्रभावित कर रहा है। उन्होंने बताया कि कोविड-19 के कारण हम उन समस्याओं का सामना कर रहे हैं जो हमारे लिए नई हैं। हमें शरीर के साथ साथ मानसिक रूप से भी मजबूत बनना चाहिए।
वक्ता डा. पवन कचोरिया ने अपने संबोधन में कहा कि फीयर फेक्टर कल्पना पैदा करते हैं और इस प्रकार हम केवल कोविड-19 के बारे में बात करते हैं। अपने संबोधन के दौरान उन्होंने विभिन्न प्रकार के भय का उल्लेख किया जो हमारे दिमाग में निर्मित होते हैं। उन्होंने कहा कि हमें अपने आप को तनाव मुक्त रखना चाहिए क्योंकि स्ट्रेस सिटिंग के दौरान व्यक्ति की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम हो जाती है। उन्होंने कोविड के डर को कम करने पर प्रकाश डाला और कहा कि हमें हंसना चाहिए, दोस्तों से उनके व्यवसाय के बारे में बात करनी चाहिए आदि और नकारात्मक समाचारों को उजागर नहीं करना चाहिए। उन्होंने विश्वविद्यालय के शिक्षकों, पूर्व विद्यार्थियों, शोधार्थियों व एमएससी के विद्यार्थियों को संबोधित किया तथा भय कारकों के बारे में उनके प्रश्नों का उत्तर देकर समाधान किया। यह व्याख्यान अत्यंत जानकारीपूर्ण था और कई शोधकर्ताओं के साथ-साथ विद्यार्थियों ने अपने ज्ञान को समृद्ध किया और बातचीत की।
वेबिनार के संयोजक प्रो. राकेश बहमनी ने गणमान्य व्यक्तियों व प्रतिभागियों का स्वागत किया और पूर्व विद्यार्थी संघ की उपलब्धियों को साझा किया। डीन एल्मुनाई रिलेशंस प्रो. राजेश कुमार लोहचब ने धन्यवाद प्रस्ताव किया और कोविड युद्ध के खिलाफ मास्क, सोशल डिस्टेंसिंग और सैनिटाइजेशन जैसे हथियारों का उपयोग करने का सुझाव दिया।