हिसार,
अंतरराष्ट्रीय शोध पत्रिका अक्षरवार्ता एवं शोध संस्थान कृष्ण बसंती के संयुक्त तत्वावधान में उज्जैन की कालिदास संस्कृत अकादमी के संकुल सभागार में आयोजित अलंकरण समारोह में राजकीय महाविद्यालय हिसार के हिंदी विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. राजपाल को अवगत अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। शिक्षा, शोध व साहित्य के क्षेत्र में विशेष योगदान के लिए डॉ. राजपाल को यह सम्मान मध्यप्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. मोहन यादव, पूर्व शिक्षा मंत्री एवं विधायक पारस चंद्र जैन, विक्रम विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. अखिलेश कुमार पांडेय, महर्षि पाणिनि संस्कृत एवं वैदिक विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो सीजी विजय कुमार मेनन, एपीजे अब्दुल कलाम यूनिवर्सिटी इंदौर के कुलसचिव डॉ. राकेश जाटव, विक्रम विश्वविद्यालय के कुलानुशासक प्रो शैलेंद्र कुमार शर्मा, प्राचार्य डॉ. महेंद्र सिंह चौहान व कृष्ण बसंती संस्था के अध्यक्ष एवं समारोह के समन्वयक डॉ. मोहन बैरागी ने प्रदान किया।
इस दौरान राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2021-विविध आयाम और संभावनाओं पर केंद्रित राष्ट्रीय संगोष्ठी का भी आयोजन किया गया। इस संगोष्ठी में भी डॉ. राजपाल ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 में विभिन्न भाषाओं का स्थान विषय पर शोध पत्र भी प्रस्तुत किया।