दिवंगत पटेल सिंह जोरा ने जीवित रहते ही मरणोपरांत अपना शरीर अग्रोहा मेडिकल कॉलेज को दान देने का लिया था निर्णय
हिसार,
दिवंगत पटेल सिंह जोरा जीते जी चिकित्सक के रूप में तो समाजसेवा करके लोगों के काम आए ही अपनी मृत्यु के उपरांत भी समाज व मानवता की भलाई के लिए एक मिसाल पेश कर गए। पीएलए हिसार निवासी पटेल सिंह जोरा ने मानवता की भलाई के लिए अपना शरीर दान करने का निर्णय अपनी मृत्यु से पहले ही लिया हुआ था। उनकी अंतिम इच्छा को उनके परिजनों ने पूरा किया और उनके निधन के पश्चात उनके शरीर को अग्रोहा मेडिकल कॉलेज को सौंप दिया गया। उनके शरीर पर रिसर्च करके विभिन्न बीमारियों के इलाज व चिकित्सा के क्षेत्र में नई खोज में मदद मिलेगी जिसकी मानवता का भला हो सकेगा। उनकी अंतिम इच्छा का सम्मान करते हुए उनकी पत्नी मोहिनी देवी पुत्र राजेश कुमार जोरा, संदीप जोरा, कमल जोरा व पुत्री मीनू ने उनकी आंखें दान करने के साथ-साथ उनका शरीर भी दान करने का फैसला लिया और उनका शरीर अग्रोहा मेडिकल को दान कर दिया जो कि समाज के लिए एक मिसाल है।