दुर्घटना में प्रथम सीडीएस विपिन रावत सहित अन्य अधिकारियों के निधन पर एचएयू में जताया शोक
हिसार,
हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के फ्लेचर भवर के समक्ष शोक सभा का आयोजन किया। शोक सभा में तमिलनाडु के कुन्नुर मेें भारतीय वायु सेना के दुर्घटनाग्रस्त हेलीकॉप्टर में शहीद हुए देश के प्रथम सीडीएस विपिन रावत सहित अन्य अधिकारियों के आकस्मिक निधन पर शोक जताया गया।
इस अवसर पर कुलपति प्रोफेसर बीआर कम्बोज ने शोक संवेदना प्रकट करते हुए कहा कि इस प्रकार अचानक से इतने बड़े अधिकारी व सैनिकों का चले जाना पूरे देश के लिए एक अपूर्णीय क्षति है जिसकी कभी भरपाई नहीं हो सकती। उन्होंने कहा कि इस हादसे में जान गंवाने वालों में सीडीएस जनरल रावत और उनकी पत्नी मधुलिका रावत के अलावा अन्य मृतकों में सीडीएस के रक्षा सलाहकार ब्रिगेडियर लखविंद सिंह लिद्दड़, सीडीएस के सैन्य सलाहकार एवं स्टाफ अफसर लेफ्टिनेंट कर्नल हरजिंद्र सिंह, विंग कमांडर प्रतीक सिंह चौहान, स्चड्रन लीडर कुलदीप सिंह, जूनियर वारंट अधिकारी राणा प्रताप दास, अरक्कल प्रदीप, हवलदार सतपाल, नायक गुरसेवक सिंह, नायक जितेंद्र कुमार, लांस नायक विवेक कुमार और वीर साई तेजा शामिल थे। हम सब मिलकर इस दुर्घटना में अपनी जान गंवाने वाले सभी सैनिकों के लिए गहरी संवेदना प्रकट करते हैं और शोक संतृप्त परिवारों के साथ हैं।
कुलपति ने कहा कि जनरल बिपिन रावत एक उत्कृष्ट सैनिक होने के साथ-साथ सच्चे देशक्त भी थे। उन्होंने हमारे सशस्त्र बलों और सुरक्षा तंत्र के आधुनिकीकरण में बहुत योगदान दिया। सामरिक मामलों पर उनकी अंतर्दृष्टि और दृष्टिकोण असाधारण थे। जनरल रावत का सेना में सेवा करने का एक शानदार अनुभव था और इसी की बदौलत उन्होंने रक्षा सुधारों सहित हमारे सशस्त्र बलों से संबंधित विविध पहलुओं पर काम किया। उन्होंने कहा कि देश उनकी असाधारण सेवा को कभी नहीं भूलेगा। इस हादसे में अपनों को खोने वालों के परिवारों के प्रति हमारी संवेदना है और इस दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हुए गु्रप कैप्टन वरुण सिंह के जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना करते हैं। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के सभी अधिष्ठाता, निदेशक, विभागाध्यक्ष एवं कर्मचारियों ने दो मिनट का मौन रखकर देश के प्रथम सीडीएस विपिन रावत सहित अन्य अधिकारियों के आकस्मिक निधन पर शोक जताते हुए भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।