हिसार

रोडवेज जीएम कर रहे विभागीय आदेशों की अवहेलना, तालमेल कमेटी करेगी 20 को घेराव

सहमत हुई मांगों पर जीएम ने नहीं किया काम, घेराव व चक्का जाम के नोटिस भेजे

हिसार,
परिवहन महानिदेशक के आदेशों की अवहेलना का आरोप लगाते हुए हिसार डिपो रोडवेज कर्मचारी तालमेल कमेटी ने 20 दिसम्बर को दो घंटे डिपो महाप्रबंधक के घेराव का ऐलान किया है। तालमेल कमेटी ने चेतावनी दी है कि यदि उस दिन महाप्रबंधक जानबूझकर कार्यालय नहीं आए तो डिपो का चक्का जाम भी कर दिया जाएगा। घेराव व चक्का जाम का नोटिस विभाग के महानिदेशक के अलावा परिवहन मंत्री, अतिरिक्त मुख्य सचिव, हिसार के विधायक, हिसार के मेयर, हिसार डीसी व महाप्रबंधक को भेज दिया गया है।
इंटक से संबंधित रोडवेज यूनियन के राज्य उप प्रधान सूरजमल पाबड़ा, रोडवेज कर्मचारी यूनियन के डिपो प्रधान राजबीर दुहन व ऑल हरियाणा रोडवेज वर्करज यूनियन के राज्य संगठनकर्ता अरूण शर्मा ने संयुक्त बयान में कहा कि तालमेल कमेटी ने एक दिसम्बर को जीएम के घेराव व चक्का जाम का नोटिस दिया था। इस पर 29 नवम्बर को जीएम ने तालमेल कमेटी नेताओं से बातचीत करते हुए कुछ मांगों को तुरंत मानने व कुछ पर कार्यवाही के लिए एक सप्ताह का समय मांगा था। जीएम से हुई बातचीत के बाद तालमेल कमेटी ने घेराव व चक्का जाम का कार्यक्रम टाल दिया था लेकिन दुखद बात है कि जीएम ने सहमत हुई मांगों को पूरा करने की बजाय बातचीत के विपरीत जाकर काम करना शुरू कर दिया। उन्होंने कहा कि विभाग के महानिदेशक के अक्टूबर माह में जारी पत्र के अनुसार कर्मचारियों व अधिकारियों से सीनियर व जूनियर के अनुसार लिए जाने के निर्देश हैं लेकिन यहां पर महाप्रबंधक अपनी मनमानी चलाते हुए मुख्यालय आदेशों के विपरीत काम कर रहे हैं। इसी के चलते सीनियर कर्मचारियों से काम लिया जा रहा है और जूनियर कर्मचारियों को उनकी सुपरविजन में लगाया गया है, जो गलत व विभागीय आदेशों की अवहेलना है।
तालमेल कमेटी नेताओं ने कहा कि विभाग के हिसार व हांसी डिपो में कई ऐसे कर्मचारी हैं जो या तो किसी न किसी गंभीर बीमारी से पीडि़त है या फिर उनकी कोई पारिवारिक समस्या है। इसके बावजूद उनकी कोई सुनवाई नहीं होती और उन्हें ड्यूटी के लिए बाध्य किया जा रहा है। जीएम के पेश होने के बावजूद उनकी कोई सुनवाई नहीं होती। नोटिस में लिखा गया है कि महाप्रबंधक के साथ उनके पिताजी भी कार्यालय में आते हैं और अधिकतर कार्यों में वे ही जीएम की सहायता करते हैं, या यूं कहा जाए कि वे कार्य अप्रत्यक्ष रूप से जीएम के पिताजी ही करते हैं, तो गलत नहीं होगा। इसके अलावा हिसार व हांसी के ड्यूटी शाखाओं में चहेतों को नवाजा जाता है और अन्य कर्मचारियों को प्रताडि़त किया जाता है। ऐसे में जीएम द्वारा निकाली जाने वाली डाक में कार्यालय के कर्मचारी या अधिकारी की सलाह ली जानी चाहिए। अधिकारियों को भेजे नोटिसों में हिसार व हांसी डिपो की विभिन्न शाखाओं में अनियमितताओं के अनेक आरोप लगाते हुए इस तरफ ध्यान दिये जाने की मांग की गई है।

Related posts

सरसों की खरीद को लेकर किसानों ने दिया ज्ञापन, मांग न मानने पर सोमवार को मंडी बंद करने की चेतावनी

थैलेसिमिया व कैंसर पीडि़तों के रक्तदान शिविर 28 को

आईआईटी से पढक़र फिजिक्स पढ़ाना मेडिकल छात्रों के लिए वरदान से कम नहीं : आईजी