हिसार

वोट से राज बदला जा सकता है तो रिमोट से मीडिया : सोनल दहिया

गुजविप्रौवि के मानव संसाधन विकास केंद्र के प्रतिभागियों को किया संबोधित

कार्यक्रम में विषय विशेषज्ञ के तौर पर मीडियाकर्मी सोनल दहिया ने किया संबोधित

हिसार,
मीडिया वही दिखा रहा है जो आप देखना चाह रहे हैं। अगर आप चाहे तो मीडिया को वैसा ही दिखाना भी पड़ेगा जो आप चाहते हैं। जब वोट से राज को बदला जा सकता है तो रिमोट से मीडिया को भी बदला जा सकता है।
यह कहना है जानी-मानी न्यूज एंकर एवं मीडिया कर्मी सोनल दहिया का। सोनल दहिया शुक्रवार को गुरु जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, हिसार के मानव संसाधन विकास केंद्र में चल रहे रिफ्रैशर कोर्स के प्रतिभागियों को बतौर विषय विशेषज्ञ संबोधित कर रही थी। सामाजिक विज्ञान विषय पर चले रहे इस रिफ्रैशर कोर्स में देश के विभिन्न महाविद्यालयों के प्रतिभागी भाग ले रहे हैं। मानव संसाधन विकास केंद्र के निदेशक प्रो. मनोज दयाल के निर्देशन में चल रहे इस रिफ्रैशर कोर्स की कोओर्डिनेटर प्रो. वंदना पूनिया हैं। मानव संसाधन विकास केंद्र के शिक्षक अनुराग सांगवान भी इस अवसर पर उपस्थित रहे।
ऑनलाइन चल रहे इस कोर्स में सोनल ने कहा कि वर्तमान समय में मीडिया हमारे जीवन का अहम हिस्सा हो गया है। ऐसे में हर व्यक्ति को इसे जानना व समझना जरुरी है। अगर आपको लगता है कि मीडिया कुछ ऐसा दिखा रहा है जो देखना गलत है तो आप उसे देखना बंद कर दें। मीडिया को स्वयं में बदलाव लाना ही होगा।
सोनल ने कहा कि ऐसा नहीं है कि मीडिया पूर्णतया: अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन नहीं कर रहा है। मीडिया देश में कई सकारात्मक आंदोलनों व बदलावों का माध्यम बना है। उन्होंने शिक्षकों से कहा कि गांव देहात से आने वाली लड़कियों को भी कुछ नया करने के लिए प्रोत्साहित करें, गांव की लड़कियों में प्रतिभाओं की कमी नहीं हैं। उन्हें मौके मिले तो वे हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा को साबित कर सकती हैं। उन्होंने मीडिया में काम कर रही महिलाओं के सामने आने वाली चुनौतियों को भी सांझा किया। सोनल ने कहा कि यह आप पर भी निर्भर करता है कि आप परिस्थितियों को समस्या समझते हैं या चुनौती। केवल नजरिया बदल लेने से ही परिस्थितियों को समस्या नहीं चुनौती मान लिया जाता है और चुनौती का सामना करने में आनंद आता है। उन्होंने मीडियाकर्मियों के सामने आने वाली व्यवहारिक चुनौतियों का हल भी बताया। उन्होंने अपने व्यक्तिगत अनुभवों को जिक्र करते हुए कहा कि मीडिया को केवल राजनीतिक परिपेक्ष्य में ही नहीं देखा जाना चाहिए, बल्कि इसके सामाजिक, सांस्कृतिक तथा अन्य भी कई पहलु हैं। उन्होंने प्रतिभागी शिक्षकों से कहा कि वे अपने विद्यार्थियों को मीडिया के हर पहलु से अवगत कराएं।
सोनल ने प्रतिभागियों के प्रश्नों के उत्तर भी दिए तथा कहा कि वक्त तेजी से बदल रहा है। इस बदलाव का हिस्सा बनें तथा इसे स्वीकार करें। धन्यवाद संबोधन प्रतिभागी सोनिया अहलावत ने दिया।

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