हिसार

गुजवि में वार्डनों के लिए कार्यशाला का आयोजन

हिसार
गुरु जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के शिक्षण खंड-2 के सेमिनार हॉल में सभी वार्डनों के लिए कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का आयोजन चीफ वार्डन डा. विकास वर्मा की अध्यक्षता में हुआ।
कुलपति प्रो. बलदेव राज कम्बोज ने कहा कि विश्वविद्यालय की प्रगति में छात्रावासों का विशेष योगदान होता है। छात्रावासों में व्यवस्था सुचारू रखना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन छात्रावासों में मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए कृत संकल्प है। कार्यशाला में दाखिला प्रक्रिया, फीस जमा करना व वेरीफाई करना, इनकम रजिस्टर, कैश बुक, डिमांड एंड कॉलेक्शन रजिस्टर, हॉस्टल एंड मैस सिक्योरिटी, बिजली चार्ज व कमरा किराया से सम्बंधित प्रक्रिया व रजिस्टर रखरखाव करने से संबंधित जानकारी दी गई। कार्यशाला के दौरान छात्रावास में प्रयोग होने वाले विभिन्न प्रकार के 26 रजिस्टरों की प्रेक्टिकल जानकारी दी गई।
डा. विकास वर्मा ने बताया कि छात्रावास स्वयं वित्त प्रणाली के अंतर्गत आते हैं, जिसका वित्तीय सत्र एक जून से 31 मई होता है। छात्रावास के लिए बजट एलोकेशन एसएफएस स्कीम के तहत कुलपति द्वारा अनुमोदित किया जाता है। उन्होंने बताया कि छात्रावास कार्यालय द्वारा किस प्रकार से बजट बनाया जाता है, उसकी पूर्ण जानकारी कार्यशाला में दी गई। इसके अतिरिक्त छात्रावास में खरीद प्रक्रिया, रिपेयर प्रक्रिया तथा रखरखाव के बारे में अवगत कराया गया। उन्होंने छात्रावासों में विद्यार्थियों द्वारा जमा करवाए जा रहे ऑनलाइन मैस बिल से संबंधित टिप्स दिए तथा ऑनलाइन पोर्टल के बारे में जानकारी दी। कार्यशाला में छात्रावासों के वार्डनों द्वारा कार्यशाला के विषय से संबंधित प्रश्न पूछे गए जिनका जवाब चीफ वार्डन डा. विकास वर्मा ने विस्तृत रूप से दिया।
इस अवसर पर छात्रावासों के वार्डन डा. विक्रमजीत, डा. मनोज मेडल, डा. हरदेव सैनी, डा. विवेक गुप्ता, डा. विजयपाल सिंह, डा. संदीप श्योराण, डा. मनीश्रेष्ठा सहित उप अधीक्षक आनंद कुमार सरोहा व लिपिक मुकेश तंवर उपस्थित रहे।

Related posts

मुक्तिधाम मुकाम के लिए विशेष बस एक मार्च को

Jeewan Aadhar Editor Desk

आदमपुर की अनाज मंडी में सम्भलकर आना, मच्छर—मक्खियों का फैला सम्राज्य, वातावरण में बदबू का कब्जा

Jeewan Aadhar Editor Desk

समय पर बिजाई वाली उन्नत किस्मों को विकसित करने पर करें अधिक शोध : डॉ. जीपी सिंह

Jeewan Aadhar Editor Desk