नई दिल्ली
नरेन्द्र मोदी सरकार ने अब उच्च अधिकारियों पर लगाम कसने की तैयारी में है। सरकार बेइमान अधिकारयिों की छंटनी करने में लगी है। इतना ही नहीं अधिकारियों के कामकाज पर नजर रखने के लिए ऑनलाइन सिस्टम तैयार किया है। इसके जरिए ब्यूरोक्रैट्स के सर्विस रेकॉर्ड का आकलन होगा और खराब प्रदर्शन करने वालों या कम ईमानदार अधिकारियों को रिटायर करने का फैसला किया जाएगा।
डिपार्टमेंट ऑफ पर्सनल ऐंड ट्रेनिंग (DoPT) ने हाल ही में अन्य मंत्रालयों के साथ मिलकर ‘ऑनलाइन प्रोबिटी मैनेजमेंट सिस्टम’ शुरू किया है। इसके जरिए अधिकारियों की ईमानदारी और प्रदर्शन के स्तर का आकलन किया जाएगा। सरकार 50-55 वर्ष की आयु वाले या नौकरी में 30 वर्ष पूरे कर चुके सभी अधिकारियों के प्रदर्शन का आकलन कर रही है। इसका मकसद यह फैसला करना है कि इन अधिकारियों को नौकरी जारी रखने की अनुमति दी जाए या उन्हें अनिवार्य तौर पर रिटायर कर दिया जाए।