परमहंस संत शिरोमणि स्वामी सदानंद जी महाराज के प्रवचनों से—950 धर्मपरमहंस संत शिरोमणि स्वामी सदानंद जी महाराज के प्रवचनों से—950Jeewan Aadhar Editor DeskJune 30, 2026June 30, 20260
परमहंस संत शिरोमणि स्वामी सदानंद जी महाराज के प्रवचनों से—949 धर्मपरमहंस संत शिरोमणि स्वामी सदानंद जी महाराज के प्रवचनों से—949Jeewan Aadhar Editor DeskJune 29, 2026
परमहंस संत शिरोमणि स्वामी सदानंद जी महाराज के प्रवचनों से—948 धर्मपरमहंस संत शिरोमणि स्वामी सदानंद जी महाराज के प्रवचनों से—948Jeewan Aadhar Editor DeskJune 28, 2026
परमहंस संत शिरोमणि स्वामी सदानंद जी महाराज के प्रवचनों से—947 धर्मपरमहंस संत शिरोमणि स्वामी सदानंद जी महाराज के प्रवचनों से—947Jeewan Aadhar Editor DeskJune 27, 2026
परमहंस संत शिरोमणि स्वामी सदानंद जी महाराज के प्रवचनों से—946 धर्मपरमहंस संत शिरोमणि स्वामी सदानंद जी महाराज के प्रवचनों से—946Jeewan Aadhar Editor DeskJune 26, 2026
धर्मओशो : का सोवे दिन रैन-229Jeewan Aadhar Editor DeskNovember 23, 2017 November 23, 2017 मैंने सुना, मुल्ला नसरूद्दीन अपने गधे पर बैठकर बाजार से निकल रहा था। एक-दम तेजी से चला जा रहा था। लोगों ने कहा:नसरूद्दीन , कहां...
धर्मपरमहंस स्वामी सदानंद जी महाराज के प्रवचनों से—59Jeewan Aadhar Editor DeskNovember 23, 2017January 17, 2024 November 23, 2017January 17, 2024 वासना ही बन्धन है। वासना से रहित होना ही मोक्ष है। वासना का विनाश करने के चार उपाय बताये गए हैं। 1. सतत हिरस्मरण करते...
धर्मस्वामी राजदास : ईश्वर बड़ा दयालु हैJeewan Aadhar Editor DeskNovember 22, 2017 November 22, 2017 एक राजा का एक विशाल फलों का बगीचा था। उसमें तरह-तरह के फल होते थे और उस बगीचा की सारी देखरेख एक किसान अपने परिवार...
धर्मओशो-सारा चिंतन छोड़ देJeewan Aadhar Editor DeskNovember 22, 2017 November 22, 2017 बुद्ध की मृत्यु का दिन था और आनन्द रो रहा है ,सिर पीट रहा है। औश्र बुद्ध उसे समझाते हैं कि तू क्यों व्यर्थ रो...
धर्मपरमहंस स्वामी सदानंद जी महाराज के प्रवचनों से—58Jeewan Aadhar Editor DeskNovember 22, 2017January 16, 2024 November 22, 2017January 16, 2024 अग्रि- आग में विषेश गुण है जला कर शुद्ध बना देना। अग्रि में जलकर ही सोना कुन्दन बन पाता है। अग्रि में चाहे आप घी...
धर्मस्वामी राजदास : ध्रुवJeewan Aadhar Editor DeskNovember 21, 2017 November 21, 2017 स्वयंभुव मनु और शतरुपा के दो पुत्र थे-प्रियवत और उत्तानपाद। उत्तानपाद की सुनीति और सुरुचि नामक दो पत्नियां थीं। राजा उत्तानपाद को सुनीति से ध्रुव...
धर्मओशो : का सौवे दिन रैन-222Jeewan Aadhar Editor DeskNovember 21, 2017 November 21, 2017 जब बुद्ध ने राजमहल छोड़ा और जब वे राजमहल छोड़ कर अपने राज्य से चले गए, तो जिस राज्य में गए उसी राज्य का राजा,...
धर्मपरमहंस स्वामी सदानंद जी महाराज के प्रवचनों से—57Jeewan Aadhar Editor DeskNovember 21, 2017January 15, 2024 November 21, 2017January 15, 2024 एक ब्राहा्रण बालक था, नाम था अजामिल। अजा-मिल अर्थात जो माया से मिला हुआ है, उसको अजामिल कहते हैं। प्रत्येक जीव माया के चक्र में...
धर्मस्वामी राजदास : लालच बुरी बला हैJeewan Aadhar Editor DeskNovember 20, 2017 November 20, 2017 हरे-भरे जंगल में पेड़-पौधों के बीच एक झोपड़ी में शीतल बाबा नाम का एक साधु रहा करता था। उनका न तो कोई शिष्य था और...
धर्मओशो : कैवल्य उपनिषद-208Jeewan Aadhar Editor DeskNovember 20, 2017 November 20, 2017 सुना है मैंने, मोझर्ट के संबंध में। मोझर्ट बड़ा संगीतज्ञ था। एक दिन उसने एक अनूठे संगीत की व्यवस्था को जन्म दिया। संगीत बंद हो...