परमहंस संत शिरोमणि स्वामी सदानंद जी महाराज के प्रवचनों से—947 धर्मपरमहंस संत शिरोमणि स्वामी सदानंद जी महाराज के प्रवचनों से—947Jeewan Aadhar Editor DeskJune 27, 2026June 27, 20260
परमहंस संत शिरोमणि स्वामी सदानंद जी महाराज के प्रवचनों से—946 धर्मपरमहंस संत शिरोमणि स्वामी सदानंद जी महाराज के प्रवचनों से—946Jeewan Aadhar Editor DeskJune 26, 2026
परमहंस संत शिरोमणि स्वामी सदानंद जी महाराज के प्रवचनों से—945 धर्मपरमहंस संत शिरोमणि स्वामी सदानंद जी महाराज के प्रवचनों से—945Jeewan Aadhar Editor DeskJune 25, 2026
परमहंस संत शिरोमणि स्वामी सदानंद जी महाराज के प्रवचनों से—944 धर्मपरमहंस संत शिरोमणि स्वामी सदानंद जी महाराज के प्रवचनों से—944Jeewan Aadhar Editor DeskJune 24, 2026
परमहंस संत शिरोमणि स्वामी सदानंद जी महाराज के प्रवचनों से—942 धर्मपरमहंस संत शिरोमणि स्वामी सदानंद जी महाराज के प्रवचनों से—942Jeewan Aadhar Editor DeskJune 23, 2026
धर्मओशो : कबीरJeewan Aadhar Editor DeskFebruary 4, 2018 February 4, 2018 पंद्रह सौ ब्रह्मण सारे देश से एकत्रित हुए कबीर के संत्सग के लिए। कबीर तो जुलाहा थे, मुसलमान थे जन्म से तो। उनकी शूद्र से...
धर्मस्वामी राजदास : संतोष वृत्तिJeewan Aadhar Editor DeskFebruary 4, 2018 February 4, 2018 एक महात्मा भ्रमण करते हुए नगर में से जा रहे थे। मार्ग में उन्हें एक रुपया मिला। महात्मा तो विरक्त और संतोषी व्यक्ति थे। वे...
धर्मस्वामी सदानंद के प्रवचनों से—251Jeewan Aadhar Editor DeskFebruary 4, 2018 February 4, 2018 जीवन आधार पत्रिका यानि एक जगह सभी जानकारी..व्यक्तिगत विकास के साथ—साथ पारिवारिक सुरक्षा गारंटी और मासिक आमदनी और नौकरी भी..अधिक जानकारी के लिए यहां क्लिक...
धर्मस्वामी राजदास : सच्चे गुरु की पहचानJeewan Aadhar Editor DeskFebruary 3, 2018 February 3, 2018 यदि आज आपको तीन माह बाद का एक निमंत्रण मिलता है, जिसमें लिखा है कि एक हॉल में सौ फुट लंबे और सौ फुट चौड़े...
धर्मओशो : सदगुरु आते हैJeewan Aadhar Editor DeskFebruary 3, 2018 February 3, 2018 तुम्हारे पड़ोस में जो बैठा हैं,उसकी सुबह करीब है। और तुम अभी आधी रात में हो। यह हो सकता है कि तुम्हारी सुबह आने में...
धर्मसत्यार्थप्रकाश के अंश—59Jeewan Aadhar Editor DeskFebruary 3, 2018 February 3, 2018 जहां जो बात सुनी जाती है वही सच्ची होगी कि कोई जुलाहा काशी में रहता था। उसके लडक़े बालक नहीं थे। एक समय थोड़ी सी...
धर्मस्वामी सदानंद के प्रवचनों से—250Jeewan Aadhar Editor DeskFebruary 3, 2018 February 3, 2018 रात का समय था, सर्वगुण सम्पन्न घड़ी आई,चन्द्र रोहिणी नक्षत्र में आया, आकाश में तारे झिलमिला रहे थे, नदियों का नीर निर्मल और स्वच्छ था।...
धर्मसत्यार्थप्रकाश के अंश—58Jeewan Aadhar Editor DeskFebruary 2, 2018 February 2, 2018 जो आप लोगों ने पूर्व और पुनर्जन्म नहीं माना है वह ईसाई मुसलमानों से लिया होगा। इस का भी उत्तर पुनर्जन्म की व्याख्या से समझ...
धर्मओशो : शिकायत जाए, तो प्रार्थना आती हैJeewan Aadhar Editor DeskFebruary 2, 2018 February 2, 2018 अक्सर तुम जाते हो मन्दिर में प्रार्थना करने, और सिर्फ शिकायतें करने जाते हो: नाम प्रार्थना होता है। कि मेरी पत्नी बीमार है, कि मेरे...
धर्मस्वामी राजदास : शिष्यों के प्रति समान दृष्टिJeewan Aadhar Editor DeskFebruary 2, 2018 February 2, 2018 बात सन 1704 की है। गुरु गोविंद सिंह सिरसा नदी के किनारे चमकौर की गढ़ी में अपने चालीस रणबांकुरे सैनिकों को लेकर मुगलों की विशाल...