परमहंस संत शिरोमणि स्वामी सदानंद जी महाराज के प्रवचनों से—948 धर्मपरमहंस संत शिरोमणि स्वामी सदानंद जी महाराज के प्रवचनों से—948Jeewan Aadhar Editor DeskJune 28, 2026June 28, 20260
परमहंस संत शिरोमणि स्वामी सदानंद जी महाराज के प्रवचनों से—947 धर्मपरमहंस संत शिरोमणि स्वामी सदानंद जी महाराज के प्रवचनों से—947Jeewan Aadhar Editor DeskJune 27, 2026
परमहंस संत शिरोमणि स्वामी सदानंद जी महाराज के प्रवचनों से—946 धर्मपरमहंस संत शिरोमणि स्वामी सदानंद जी महाराज के प्रवचनों से—946Jeewan Aadhar Editor DeskJune 26, 2026
परमहंस संत शिरोमणि स्वामी सदानंद जी महाराज के प्रवचनों से—945 धर्मपरमहंस संत शिरोमणि स्वामी सदानंद जी महाराज के प्रवचनों से—945Jeewan Aadhar Editor DeskJune 25, 2026
परमहंस संत शिरोमणि स्वामी सदानंद जी महाराज के प्रवचनों से—944 धर्मपरमहंस संत शिरोमणि स्वामी सदानंद जी महाराज के प्रवचनों से—944Jeewan Aadhar Editor DeskJune 24, 2026
धर्मओशो : समाधिJeewan Aadhar Editor DeskMay 28, 2017 May 28, 2017 एक सूफी कहानी है। एक फकीर एक वृक्ष के नीचे ध्यान करता है। रोज एक लकड़हारे को लकड़ी काटते ले जाते देखता है। एक दिन...
धर्मपरमहंस स्वामी सदानंद जी महाराज के प्रवचनों से-10Jeewan Aadhar Editor DeskMay 28, 2017November 29, 2023 May 28, 2017November 29, 2023 एक घने जंगल में एक बड़ा-सा नाग रहता था। वह चिड़ियों के अंडे, मेढ़क तथा छिपकलियों जैसे छोटे-छोटे जीव-जंतुओं को खाकर अपना पेट भरता था।...
धर्मओशो: स्त्री के रहस्यJeewan Aadhar Editor DeskMay 27, 2017 May 27, 2017 स्त्री जन्म-जन्म तक अपने प्रेमी की प्रतीक्षा कर सकती है; पुरुष नहीं कर सकता। पुरुष प्रतीक्षा जानता ही नहीं है। पुरुष के मन की जो...
धर्मपरमहंस स्वामी सदानंद जी महाराज के प्रवचनों से-6Jeewan Aadhar Editor DeskMay 27, 2017November 25, 2023 May 27, 2017November 25, 2023 एक बार एक समुद्र के किनारे कुछ बच्चे रेत में खेल रहे थे | कोई दौड़ लगा रहा था, तो कोई फुटबाल से खेल रहा...
धर्मओशो: मरो है जोगी मरोJeewan Aadhar Editor DeskMay 26, 2017 May 26, 2017 आदमी चलता ही रहता है हार में, जीत में; सफलता में, असफलता में; प्रेम में, विरह में। वह क्या है जो उसे चलाए रखता है?...
धर्मपरमहंस स्वामी सदानंद के प्रवचनों से-3Jeewan Aadhar Editor DeskMay 26, 2017November 21, 2023 May 26, 2017November 21, 2023 एक सन्यासी थे जो हिमालय पर रहते थे। वह बिना किसी रोक टोक के सब जगह जाते थे। लोग उनका प्रेम से स्वागत करते थे।...
धर्मओशो की वाणीJeewan Aadhar Editor DeskMay 25, 2017 May 25, 2017 “तुम माँ के पेट में थे नौ महीने तक, कोई दुकान तो चलाते नहीं थे, फिर भी जिए। हाथ—पैर भी न थे कि भोजन कर...
धर्मपरमहंस स्वामी सदानंद जी महाराज के प्रवचनों से-3Jeewan Aadhar Editor DeskMay 25, 2017November 21, 2023 May 25, 2017November 21, 2023 एक बड़े से जंगल में शेर रहता था। शेर गुस्से का बहुत तेज था। सभी जानवर उससे बहुत डरते थे। वह सभी जानवरों को परेशान...
धर्मओशो की कहानीJeewan Aadhar Editor DeskMay 24, 2017 May 24, 2017 जीवन-जिसे हम जीवन समझते हैं, वह क्या है? रात्रि में कोई पूछता था | मैंने उसे एक कहानी कही : एक विश्रामालय में दो व्यक्ति...
धर्मपरमहंस स्वामी सदानंद के प्रवचनों से-2Jeewan Aadhar Editor DeskMay 23, 2017November 19, 2023 May 23, 2017November 19, 2023 जीवन में उत्थान और पतन चलता ही रहता है। भौतिक सुख-सुविधाएं जुटाने के प्रयासों में ऐसा हो तो आश्चर्य की बात नहीं है, लेकिन आध्यात्मिक...