हिसार

नासूर बन चुकी है ढंढूर में कूड़े के ढ़ेर की आग, डिप्टी चैयरमेन आए एक्शन में

हिसार,
पराली जलाने पर किसानों पर जुर्माना करने वाला प्रशासन लगातार ढंढूर स्थित में डोपिंग स्टेशन में लगाई जाने वाली आग पर आंखें मूंदे रहता है। इसका खमियाजा ढंढूर के लोगों को भुगतना पड़ रहा है। पिछले करीब 3 माह से यहां पर लगातार कूड़े को आग लगाई जाती है। इसकी वजह से यहां स्मॉग छाया रहता है। रविवार देर रात आग के कारण नेश्नल हाइवे पर स्मॉग इस कदर छा गया कि वाहन चालकों को एक मीटर भी देखने में परेशानी आने लगी। पूरा गांव धूएं के आगोश में समा गया। जीवन आधार नवंबर माह प्रतियोगिता.. प्ले ग्रुप से दसवीं तक विद्यार्थी और स्कूल दोनों जीतेंगे सैंकड़ों उपहार.. अधिक जानकारी के लिए यहां क्लिक करे
इस दौरान किसी ने फोन करके नगर निगम के डिप्टी चैयरमेन भीम महाजन को इसकी जानकारी दी। उन्होंने मौके पर पहुंचकर मुआयना किया तो दंग रह गए। कूड़े के कई ढ़ेर जल रहे थे। इन पर ज्वलनशील पदार्थ ड़ालकर आग लगाई गई थी। आग काफी भयंकर थी, इसके चलते उन्होंने मौके पर फायर बिग्रेड की गाड़ी मंगवाई और आग को नियंत्रण में किया।
इस दौरान भीम महाजन ने कई अधिकारियों को फोन करके मामले की जानकारी दी। भीम महाजन ने कहा कि पर्यावरण प्रदूषण को रोकने के लिए जिला प्रशासन को यहां पर आग लगाने वाले की पहचान करके उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रशासन को यहां लगने वाली आग के बारे में पता होते हुए भी कोई कार्रवाई आज तक नहीं की। इसके कारण ढंढूर और आसपास के गांवों में स्मॉग छाया रहता है। यह लोगों के लिए बिमारी का सबसे बड़ा कारण बन चुका है। लेकिन प्रशासन की नींद अब भी नहीं टूट रही। उन्होंने कहा कि वे सोमवार को अधिकारियों से मिलकर इस बारे में ठोस कार्रवाई की मांग करेंगे। नौकरी करना चाहते है, तो यहां क्लिक करे।
ध्यान रहे ढंढूर में हिसार नगर निगम ने डोपिंग स्टेशन बना रखा है, लेकिन यहां नियमों की सरेआम अवहेलना करते हुए रोजाना गंदगी में आग लगाई जा रही है। ग्रामीण धूएं से परेशान होकर कई बार उपायुक्त से भी मिल चुके है, लेकिन नतीजा शून्य ही रहा है। इस धूएं के कारण ढंढूर में सांस के रोगियों की संख्या लगातार बढ़ रही है, लेकिन ग्रामीणों की परेशानी की तरफ न तो सरकार ध्यान दे रही है और न ही प्रशासन। ऐसे में ग्रामीण तिल—तिल करके मरने को मजबूर हो रहे है।
जीवन आधार बिजनेस सुपर धमाका…बिना लागत के 15 लाख 82 हजार रुपए का बिजनेस करने का मौका….जानने के लिए यहां क्लिक करे

Related posts

गुजविप्रौवि के 12 विद्यार्थियों का टीसीएस में रखा गया स्थान

Jeewan Aadhar Editor Desk

बीमा क्षेत्र में एफडीआई व आइपीओ के विरोध में एलआईसी में हुई हड़ताल

इनेलो ने पहली बार नहीं निकाला विधानसभा में जूता, पुरानी आदत : जेपी

Jeewan Aadhar Editor Desk