हिसार

हिंदू मैरिज एक्ट 1955 में संशोधन करे सरकार : काजला खाप

हिसार,
देश व प्रदेश की खापों का अंतरजातीय विवाह करने वालों पर हमलों से दूर का वास्ता भी नहीं है। खापें ऐसी शादियों का विरोध नहीं करती हैं और न ही ऑनर किलिंग का समर्थन करती हैं।
यह बात काजपा खाप के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजमल काजल ने एक बयान में कही। उन्होंने बयान में कहा कि उनकी खाप सहित अनेक खापें अंतरजातीय विवाहों के समर्थन में प्रस्ताव भी पास कर चुकी हैं ताकि देश से जातपात के जहर को मिटाया जा सके। उन्होंने उच्चतम न्यायालय के गौरवशाली इतिहास में आस्था जताते हुए कहा कि खापें देश के हर कानून की रक्षा करने में विश्वास रखती है न कि कानून की धज्जियां उड़ाने में। उन्होंने साथ ही जोड़ा कि यह अलग बात है कि देश की खापें हिंदू मैरिज एक्ट 1955 में संशोधन करवाने, समगोत्र-समगांव व गुहांड में विवाह को प्रतिबंधित करने की मांग लंबे समय से कर रही है। खाप अध्यक्ष ने हैरानी जताई कि हिंदुत्व का दिल खोल कर प्रचार व समर्थन करने वाली आज की सरकार भी हमारी उचित मांग पर ध्यान नहीं दे रही है, जबकि समगोत्र विवाह न ही तो देश हित में है न ही वैज्ञानिक दृष्टि से उचित है और न ही यह शास्त्री सम्मत है। समगोत्र व समगांव में विवाह हिंदुओं के तीन गोत्र छोड़कर विवाह करने की परंपरा और मान मर्यादाओं का उल्लंघन करता है, जिस पर अंकुश लगाना जरूरी है।

जीवन आधार पत्रिका यानि एक जगह सभी जानकारी..व्यक्तिगत विकास के साथ—साथ पारिवारिक सुरक्षा गारंटी और मासिक आमदनी और नौकरी भी..अधिक जानकारी के लिए यहां क्लिक करे।

काजला खाप राष्ट्रीय अध्यक्ष ने संयुक्त राष्ट्र संघ के 18 दिसंबर 1992 के प्रस्तावच की याद दिलाई जिसमें कहा गया है कि यह प्रत्येक देश का दायित्व है कि वह अपने देश के हर कबीले व समुदाय की मूल परंपराओं व पहचान को कायम रखे। उन्होंने कहा कि 3 गोत्र छोड़ कर शादी करना हमारी मूल परंपरा है और गोत्र हमारी पहचान, जबकि खाप हमारी सामाजिक व्यवस्था है। उन्होंने राजधर्म के साथ-साथ लोकधर्म की पालना करने की मांग करते हुए कहा कि अकेले कानून के बलबूते पर केवल ऐसे समाज का निर्माण तो हो सकता है जिसका शरीर तो है लेकिन आत्मा नहीं है। उन्होंने हैरानी जताई कि खापों द्वारा अपना रूख स्पष्ट करने के बावजूद भी सुप्रीम कोर्ट हम पर अंगुली उठा रहा है। सुप्रीम कोर्ट ओर कोर्ट के न्यायमित्र को खापों को दोष देने की बजाय सरकार को निर्देश देना चाहिए कि वह खापों की मांग अनुसार हिंदू मैरिज एक्ट 1955 में संशोधन करे ताकि ऑनर किलिंग की जड़ में नमक डाला जा सके।

पार्ट टाइम नौकरी की तलाश है..तो जीवन आधार बिजनेस प्रबंधक बने और 3300 रुपए से लेकर 70 हजार 900 रुपए मासिक की नौकरी पाए..अधिक जानकारी के लिए यहां क्लिक करे।

काजला खाप के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने दावे के साथ कहा कि समगोत्र व समगांव में शादियां करने वाले प्रेमी युगल की हत्याओं में खापों का कोई रोल नहीं है अपितु भावावेश पीडि़त परिवार अत्यंत लज्जित होकर व अपने आपको समाज विकृति का दोषी मानकर अमानवीय कृत्य कर डालता है, लेकिन खापों द्वारा इजाजत न देने के बावजूद इस अपराध में गिरावट देखी जा सकती है। उन्होंने एक बार फिर मांग की है कि हिंदू मैरिज एक्ट में बदलाव किया जाए। उन्होंने राज्य सरकार से भी मांग की है कि वह पहल करके इसमें बदलाव करे। मामला कनकरंट लिस्ट में होने के कारण राज्य सरकार भी बदलाव के लिए अधिकृत है।
जीवन आधार बिजनेस सुपर धमाका…बिना लागत के 15 लाख 82 हजार रुपए का बिजनेस करने का मौका….जानने के लिए यहां क्लिक करे

Related posts

हिसार: नौकरी लगवाने के नाम पर लिए 90 लाख रुपये , नहीं लगने पर पीड़ितों ने किया अपहरण

रिश्ता था चाचा—भतीजी का..8 माह तक नाबालिग की आबरु लूट बन गया शैतान

नकली खाद-बीज बेचने वाले व्यापारियों के खिलाफ सख्ती बरती जाये : किसान सभा