हिसार,
पशुपालन व डेयरी विभाग के उपनिदेशक डॉ. डीएस सिंधु ने युवाओं से आह्वान किया कि वे पोल्ट्री और डेयरी बिजनेस को अपनाकर स्वरोजगार के माध्यम से जीवन को नई दिशा दें। उन्होंने कहा कि इन दोनों व्यवसायों में आज लाभ के अपार अवसर हैं। डॉ. सिंधु ग्राम स्वरोजगार अभियान के तहत नारनौंद में बीपीएल व अनुसूचित जाति के युवाओं को बैक यार्ड पोल्ट्री स्कीम के तहत 50-50 देसी चूजे तथा 2-2 ड्रिंकर फीडर वितरित करने उपरांत संबोधित कर रहे थे।
उप निदेशक डॉ. सिंधु ने कहा कि बैक यार्ड पोल्ट्री स्कीम से जुडऩे वाले युवा विभाग से मिलने वाले चूजों को पालकर 2 माह बाद इन्हें 600 रुपये तक में बेच सकते हैं। युवा मुर्गियों के अंडे तथा अंडो से निकले चूजे बेचकर भी अच्छी आमदनी कमा सकते हैं। उन्होंने युवाओं को पोल्ट्री व्यवसाय के संबंध में विस्तार से जानकारी देते हुए विभाग द्वारा दी जाने वाली सहायता के बारे में बताया।
उन्होंने कहा कि विभाग द्वारा डेयरी योजना भी चलाई जा रही है जिसके तहत 3, 5, 10, 20 व 50 भैंसों की डेयरी खोलने पर ऋण दिलवाया जाता है। इस ऋण पर न केवल ब्याज दर में छूट मिलती है बल्कि युवाओं को अनुदान का लाभ भी मिलता है। दूध से युवा खोया, पनीर आदि बनाकर इन्हें भी अच्छी कीमत पर बेच सकते हैं।
घर बैठे पार्ट टाइम जॉब करे..और आकर्षक वेतन पाए..अधिक जानकारी के लिए यहां क्लिक करे।
उन्होंने कहा कि नारनौंद पिछड़ा क्षेत्र होने के कारण यहां के युवाओं को डेयरी व्यवसाय के लिए विशेष सुविधाएं दी जा रही हैं। उन्होंने पशुपालन विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों को इस संबंध में अधिक से अधिक जागरूकता फैलाने के निर्देश दिए। इस अवसर पर विभाग के एसडीओ डॉ. राजपाल मलिक, वैटर्नरी सर्जन डॉ. प्रमोद व डॉ. सुधीर मलिक आदि भी मौजूद थे।