हिसार

ऑनर कीलिंग के मामले में मृत्तका का भाई दोषी करार, 5 दिसंबर को सुनाई जाएगी सजा

हिसार,
फरवरी2017 में ऑनर कीलिंग के चलते हुई युवती के हत्या के मामले में माननीय एडिशनल सेशन जज डॉ. पंकज की अदालत ने उसके भाई अशोक को दोषी करार दिया है। दोषी को आगामी 5 दिसंबर को सजा सुनाई जाएगी। यह जानकारी देते हुए सनातन धर्म चैरिटेबल ट्रस्ट के चेयरमैन संजय चौहान ने बताया कि ऑनर कीलिंग की शिकार हुई युवती को न्याय दिलाने के लिए ट्रस्ट ने खुद कानूनी लड़ाई लड़ी।
उन्होंने बताया कि 8 अगस्त 2015 को गांव सीसवाल निवासी रोहताश सैनी व गांव जुगलान निवासी किरण जाट ने उनके ट्रस्ट कार्यालय में हिन्दू विवाह अधिनियम 1955 के तहत प्रेम विवाह किया था। विवाह करने के उपरांत दोनों ने ट्रस्ट के कार्यालय में रजिस्टर में अपने परिजनों से जान खतरा बताने की बात दर्ज की थी। वहीं लडक़ी किरण ने यह भी लिखा था कि यदि 5-7 दिन तक मेरे पति से मेरा कोई संपर्क न हो पाए तो यह समझ लिया जाए कि मेरी जान को खतरा है। ऐसा लिखकर वे अपने हस्ताक्षर कर अपने-अपने घर चले गए। इस दौरान युवती को परिजनों को लव मैरिज का पता चला तो उसकी ऑनर कीलिंग कर दी गई।
संजय चौहान ने बताया कि इसके बाद उन्हें 14 फरवरी 2017 को सूचना मिली कि किरण की ऑनर कीलिंग हो गई है, संजय चौहान ने तुरंत इसकी सूचना पुलिस को की जिसके बाद पुलिस ने परिजनों द्वारा करवाए गए। युवती के दाह संस्कार के उपरांत उसकी अस्थियों को कब्जे में ले लिया था। उन्होंने बताया कि पुलिस ने कार्यवाही करते हुए युवती के भाई अशोक को गिरफ्तार किया लेकिन पुलिस ने बाद में इस मामले में न ही तो ट्रस्ट से कोई रिकॉर्ड लिया और ना ही इस मामले में उन्हें गवाह बनाया गया। इसके बाद ट्रस्ट ने माननीय न्यायाल में ट्रस्ट के अधिवक्ता जितेंद्र कुश के माध्यम से 5 सितंबर 2018 को दरखास्त दी जिसे कोर्ट ने मंजूर करते हुए 14 सितंबर को ट्रस्ट रिकॉर्ड की जांच की व चेयरमैन संजय चौहान की गवाही ली गई।
चौहान ने बताया कि अब माननीय एडिशनल सेशन जज डॉ. पंकज ने युवति किरण के भाई अशोक को दोषी करार दिया है। उन्होंने कहा कि वे इस मामले में दोषी के खिलाफ सख्त से सख्त सजा की मांग करेंगे। उन्होंने बताया कि युवती ने ट्रस्ट कार्यालय के रजिस्टर में बाकायदा लिखित रूप में इस बात को स्वीकार किया है कि उसके परिजनों से उसे जान का खतरा है और प्रेम विवाह के उपरांत युवती की मृत्यु की सूचना मिलने से उन्हें इस मामले में ऑनर कीलिंग का शक हुआ जिस पर उन्होंने तुरंत इस मामले की सूचना पुलिस को दी थी। उन्होंने कहा कि वे माननीय न्यायालय के फैसले का स्वागत करते हैं ताकि इससे ऐसी मानसिकता रखने वाले अन्य लोगों को भी सबक मिल सके।

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