फतेहाबाद

एक या दो बेटी होने पर स्वेच्छा से आॅप्रेशन करवाने वाली महिलाओं को किया सम्मानित

फतेहाबाद (साहिल रुखाया)
बेटियों को हर हालत में बचाना है तथा उन्हें पढ़ाना है। इसके अलावा बच्चों को बेहतर शिक्षा व अच्छे संस्कार देना भी महिलाओं के साथ-साथ हर नागरिक की जिम्मेवारी है। अपने कर्तव्यों का सही ढग़ से पालन करने से स्वच्छ समाज व राष्ट्र का भी नवनिर्माण होगा।

यह बात उपायुक्त डॉ जेके आभीर ने वीरवार को लघु सचिवालय स्थित बैठक कक्ष में महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान के तहत एक दिवसीय सेमीनार व आयोजित माताओं के सम्मान समारोह में कही। उपायुक्त ने 30 से भी अधिक ग्रामीण आंचल में बसने वाली महिलाएं, जिन माताओं ने एक बेटी या दो बेटी के जन्म के बाद अपनी स्वेच्छा से ऑपरेशन करवा लिया तथा परिवार में संतुलन बनाने व बेटी-बेटी में अंतर न समझकर सराहनीय कार्य किया, उन्हें प्रशंसा पत्र व स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर जिला कार्यक्रम अधिकारी ऊषा ग्रोवर, डिप्टी सीएमओ सुनीता सोखी, डिप्टी डीईओ धनपत सिंह, एलपीओ एडवोकेट बृजेश सवेदा सहित अन्य अधिकारियों व महिलाओं ने बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ व बच्चों तथा महिलाओं के स्वास्थय और उनकी सुरक्षा के बारे में विस्तार से जानकारी दी।

उपायुक्त ने सीडीपीओ, सुपरवाईजर, आगंनबाडी वर्कर, हेल्पर को निर्देश देते हुए कहा कि महिलाओं से घनिष्ठ तालमेल बनाए, मधुर व्यवहार करे। महिलाएं अपनी अधिकारों व ताकत को पहचाने तथा लिंगानुपात में बढ़ोतरी हो इसके लिए ग्रामीणों को जागरूक करें। उन्होंने कहा कि जिले में 70 के लगभग गांव व ढ़ाणियां है जहां पर बेटियों की संख्या बहुत कम है उन गांवों पर विशेष ध्यान दें और कल्याणकारी योजनाओं का लाभ देने के साथ-साथ बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान को और ज्यादा गति दें। उन्होंने कहा कि भु्रण हत्या करने व करवाने वालों की सूचना प्रशासन को शीघ्र दें। सूचना देने वाले का नाम गोपनीय रखा जाएगा तथा उन्हें एक लाख रूपये का नकद ईनाम दिया जाएगा। बेटी का दोस्त माँ होती है। कोई भी परेशानी या दु:ख तकलीफ हो तो माँ को बताएं इसके अलावा जिला प्रशासन को भी अवगत करवाएं। सरकार व प्रशासन की तरफ से हर संभव मदद की जाएगी। उन्होंने कहा कि अत्याचार सहन ना करें या ना ही किसी को करने दें तथा इस बारे ज्यादा से ज्यादा महिलाओं को जागरूक करे।

उन्होंने कहा कि मुसीबत एवं किसी भी तरह की आफत या परेशानी के समय घबराएं नही बल्कि साहस, धैये व आत्मविश्वास के साथ मुसीबतों का मुकाबला करे। पुलिस विभाग द्वारा भी समय-समय पर बच्चियों को स्वयं सुरक्षा हेतू प्रशिक्षण उपलब्ध करवाया जाता है। उन्होंने कहा कि जीवन बड़ा कीमती है इसको स्वस्थ व सुरक्षित रखें। बच्चों में हीन भावना ना आए इसके लिए अभिभावक उन्हें जागरूक करे। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ महिनों से लिंगानुपात जिले का बहुत ही कम है जो हम सब के लिए चिंता का विषय है। पिछले दो महिनों से कुछ सुधार हो रहा है जो 890 के लगभग है। उन्होंने कहा कि इस आंकड़े को 950 से पार करने के लिए हमें अथक एवं लगातार प्रयास करना है। उन्होंने महिलाओं को मेहनती, सहनशील व समय का पाबंद बताया। उन्होंने महिलाओं से आह्वान किया कि वे सामाजिक बुराईयों को खत्म करने के लिए आगे आएं इसके लिए किसी भी प्रकार का प्रभाव अथवा दबाब सहन न करें। उपायुक्त ने महिलाओं के उत्थान के लिए चलाई गई कल्याणकारी योजनाओं व बच्चियों एवं महिलाओं की सुरक्षा के लिए दुर्गा शक्ति ऐप के बारे में विस्तार से जानकारी दी।

इस अवसर पर जिला कार्यक्रम अधिकारी ऊषा ग्रोवर नेउपायुक्त का स्वागत करते हुए कहा कि जिले के जिन गांवों मे लिंगानुपात कम है, उन गांवों की पहचान कर ली गई है। उन्होंने कहा कि लिंगानुपात में सुधार के लिए जानकारी एकत्रित करना और अथक प्रयास करते हुए योजनावद्ध तरीके से कार्य करेंगे और गैर कानूनी कार्य करने वालों पर शीघ्र सख्त कदम उठाने के लिए प्रशासन को अवगत करवाया जाएगा। उन्होंने कहा कि आपकी बेटी हमारी बेटी योजना के अन्तर्गत अनुसूचित जाति तथा गरीब परिवारों को पहली बेटी के जन्म पर 21000 रुपये तथा सभी परिवारों को दूसरी बेटी के जन्म पर 21000 रुपये की राशि दी जाती है। यह राशि भारतीय जीवन बीमा निगम में एकमुश्त जमा करवाई जाती है तथा बालिका को 18 वर्ष की आयु पूर्ण/अविवाहित होने पर लगभग एक लाख रुपये उसके उपयोग के लिए दी जायेगी। उन्होंने बताया कि बेटियों की स्थिति में और अधिक सुधार लाने हेतु सरकार ने परिवार में जन्मी तीसरी बेटी को भी दूसरी बेटी की तर्ज पर आपकी बेटी हमारी बेटी स्कीम में अनुमोदन किया गया है।

डिप्टी सीएमओ सुनीता सोखी ने बच्चों के पोषण व कुपोषण संबंधी व स्वास्थय विभाग द्वारा चलाई जा रही बच्चों एवं महिलाओं के उज्जवल भविष्य के लिए चलाई जा रही कल्याणकारी योजनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी। डिप्टी डीईओ धनपत ने कहा कि स्कूलों में बालिका मंच के माध्यम से बच्चियों अपनी समस्याएं सांझा करती है। उन्होंने कहा कि लड़कियों की आत्मरक्षा के लिए ट्रेनिंग भी दी जाती है। एलपीओ एडवोकेट बृजेश सवेदा ने पोक्सो एक्ट, चाईल्ड हेल्पलाईन तथा बच्चों व महिलाओं की सुरक्षा के लिए बनाए गए विभिन्न प्रकार के कानूनों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। कार्यक्रम में सभी खंडों की आंगनवाडी वर्कर, हेल्पर सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण महिलाएं उपस्थित रही। लड़कियों व महिलाओं ने कविता, गीत, रागिनी व लघु नाटिका द्वारा कन्या भ्रूण हत्या रोकने और सेक्स रेशो बढ़ाने के लिए प्रेरित किया तथा अपने-अपने अनुभव भी सांझा किए

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