हिसार,
सेक्टर 16-17 एवं 13 पार्ट-2 रेजीडेंट वेल्फेयर एसोसिएशन एवं हिसार संघर्ष समिति के अध्यक्ष जितेन्द्र श्योराण ने कहा है कि सत्तारूढ़ भाजपा एवं नगर निगम के नवनिर्वाचित पार्षद अपने चुनावी एजेंडे को भूल चुके हैं। इसी के तहत शहर को कैटल फ्री बनाने का दावा टांय-टांय फिस्स हो चुका है। उन्होंने कहा कि गाय, गंगा व भारत माता के नाम पर राजनीति करने वाली भाजपा सरकार या तो गऊ माता की सुध ले अन्यथा गाय से भारत माता का दर्जा वापिस ले लें ताकि गऊ माता मजाक का पात्र न बनें।
एक बयान में जितेन्द्र श्योराण ने कहा कि शहर में जगह-जगह घूम रही गऊ माता कूड़ा-कचरा खाकर अपना जीवन बिताने को मजबूर है क्योंकि सरकारी स्तर पर निगम स्तर पर जो दावे गाय के बारे में किये गये थे, वे सब हवा-हवाई साबित हुए हैं। निगम चुनाव के समय जो नेता शहर को कैटल फ्री बनाने का दावा कर रहे थे, वे अब चुप्पी साध चुके हैं और विकास के झूठे दावे करके जनता को भ्रमित कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पार्कों में पत्थर लगवाने का एजेंडा किसी का चुनावी वादा नहीं था और यह काम पहले से ही चल रहा था लेकिन अब इस बारे में भी झूठे दावे किये जा रहे हैं। ऐसे में जनता का कर्तव्य बनता है कि ऐसे लोगों की पहचान करें जो झूठे दावे करके असल मुद्दों से ध्यान हटाकर गुमराह करने वाली बातें कर रहे हैं।
जितेन्द्र श्योराण ने कहा शहर में जो गायें घूम रही है, वे कूड़ा-कचरा खाने को मजबूर है। यदि कोई इनका दूध निकालकर अपने परिवार को पिलाता है तो वह अपने परिवार का दुश्मन है और यदि वह इन गायों का दूध बेचता है तो समाज, खासकर उन लोगों का दुश्मन है जिन्हें वे इन गायों का दूध बेचते हैं। उन्होंने कहा कि सेक्टरों में गाय व अन्य पशु आये दिन इधर-उधर घूमकर किसी न किसी हादसे का कारण बनते हैं। ठेकेदार ने केवल एक दिन गायें पकड़कर अपने कर्तव्य की इतिश्री कर ली। उन्होंने बताया कि गायों के बारे में आज वे फिर निगम आयुक्त से मिले और गाय पकडऩे के अभियान में तेजी लाने की मांग की, जिस पर आयुक्त ने यह कार्य शीघ्र करवाने का आश्वासन दिया। उन्होंने चेताया कि यदि निगम अधिकारियों व ठेकेदार ने सेक्टरों से गायों को पकडऩा शुरू नहीं किया तो सेक्टरवासी एकत्रित होकर इन गायों को निगम कार्यालय में ले जाने को मजबूर होंगे।