खेत—खलिहान फतेहाबाद हिसार

टिड्डी की संख्या नाममात्र ही-स्प्रे करने वाली स्थिति नहीं : वैज्ञानिक

हिसार,
हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय, हिसार के कीट वैज्ञानिकों की टीम ने डबवाली, कालांवाली, सिरसा क्षेत्र के गांवों का दौरा कर टिड्डी दल के बारे में सर्वे किया तथा पाया कि जिले के चठ्ठा गांव में गिने चुने खेतों में नाममात्र टिड्डी (5-10 प्रति एकड़) प्राप्त हुई । सर्वे में पाया गया कि अब तक स्प्रे करने वाली स्थिति नहीं आई है । जब टिड्डी का दल (स्वार्म) फसल / वनस्पति पर बैठता है तभी यह फसल / वनस्पति को क्षति करता है । टिड्डी दल का आर्थिक कगार 10000 टिड्डीयांॅ प्रति हेक्टर यानि एक टिड्डी प्रति वर्ग मीटर या 5-6 टिड्डी प्रति झाड़ी है । अभी इनकी संख्या नाममात्र ही हैं। टिड्डी दल का अब पड़ोसी राज्य राजस्थान में पाए जाने की रिपोर्ट है । किसान अपनी फसल पर टिड्डी दल के लिए निगरानी अवश्य रखें । टिड्डी दल को ड्रम आदि से आवाज / शोर कर के इन्हें खेतों में बैठने से रोका जा सकता है। हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय, हिसार के विभिन्न जिलों के कृषि विज्ञान केन्द्रों में कार्यरत कीट वैज्ञानिकों को भी इस बारे में निगरानी रखने हेतू सतर्क कर दिया गया है। यदि किसी किसान भाईयों को टिड्डियों के बारे में पता चले तो वह नजदीक के कृषि अधिकारी या कृषि विज्ञान केंन्द्र व विश्वविद्यालय के कीट विज्ञान विभाग को तुरन्त अवगत करवाएं।

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