हिसार

पीटीआई अध्यापकों का रोजगार बचाने के लिए कदम उठाए राज्य सरकार : समिति

सुप्रीम कोर्ट के निर्णय से प्रभावित पीटीआई की रोजी-रोटी पर ध्यान देने की अपील

हिसार,
भगवान परशुराम जन सेवा समिति ने प्रदेश सरकार से मांग की है कि 2010 में भर्ती हुए 1983 पीटीआई अध्यापकों की भर्ती को लेकर सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिए गए फैसले से इन अध्यापकों पर रोजी-रोटी की तलवार लटक गई है। समिति ने कहा कि एक ओर जहां देश व प्रदेश कोरोना महामारी से जूझ रहा है और सरकार कह रही है कि किसी भी परिवार को भूखा नहीं सोने देंगे, वहीं दूसरी ओर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद उक्त पीटीआई अध्यापक अपने रोजगार को लेकर चिंतित हैं।
समिति के संस्थापक योगेन्द्र शर्मा व प्रधान दर्शन कौशिक ने एक बयान में कहा कि सरकार को इस मामले में आवश्यक कदम उठाना चाहिए और इनके रोजगार को बचाना चाहिए, ताकि इनके परिवारों की रोजी-रोटी की चिंता दूर हो सके। उन्होंने कहा कि सरकार ने डॉक्टर, नर्सिंग स्टाफ व पैरा मेडिकल स्टाफ का वेतन दोगुना करने की बात कही है, लेकिन संबंधित कर्मचारियों ने अपने कर्तव्य का पालन करते हुए दोगुना वेतन लेने से इंकार कर यह साबित कर दिया है कि हरियाणा का कर्मचारी केवल वेतन के लालच में काम नहीं कर रहा है अपितु जनता के प्रति अपने कर्तव्य का पालन कर रहा है।
योगेन्द्र शर्मा एवं दर्शन कौशिक ने कहा कि कोरोना महामारी में अपनी जान की परवाह किए बिना अपनी ड्यूटी निभा रहे कर्मचारी व अधिकारी बधाई के पात्र हैं, जो सैनिकों की तरह देश के लिए काम कर रहे हैं। चाहे वह पुलिस कर्मचारी हो, सफाई कर्मचारी हो, स्वास्थ्य विभाग, रोडवेज या किसी भी विभाग का कर्मचारी हो। जिसकी जहां ड्यूटी लगाई जाती है उसके लिए वह 24 घंटे तैयार रहते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार को सुप्रीम कोर्ट द्वारा 2010 में लगे पीटीआई अध्यापकों को लेकर दिए गए फैसले को लेकर आवश्यक कदम उठाते हुए इन अध्यापकों का रोजगार बचाने का काम करना चाहिए ताकि इन परिवारों की रोजी-रोटी पर कोई आंच न आए। उन्होंने कहा कि यदि इन अध्यापकों के गलत चयन का हवाला दिया गया है तो सरकार को इस बात पर भी विचार करना चाहिए कि गलत चयन के लिए ये अध्यापक नहीं बल्कि चयन समिति जिम्मेवार है, उस समिति पर कार्रवाही की जाएv

Related posts

राजनीति के बगैर किसी भी विषय का अस्तित्व नहीं : गोयल

Jeewan Aadhar Editor Desk

एक मकान वाले सैनिकों व पूर्व सैनिकों को हाउस टैक्स से छूट : चेतल

Jeewan Aadhar Editor Desk

सरकार की गलत नीतियों के कारण प्रदेश में बढ़ रही बेतहाशा बेरोजगारी : गर्ग