फतेहाबाद

जिला में 51 पशु चिकित्सकों की टीम करेगी पशुओं का टीकाकरण, लगाए जाएंगे मुंहखुर व गलघोटू के टीके

फतेहाबाद,
पशुपालन एवं डेरिंग विभाग के उप निदेशक डॉ काशी राम ने बताया कि वर्तमान प्रदेश सरकार द्वारा तीसरे चरण का शुभारंभ करते हुए 22 अप्रैल से पशुओं को मुंहखुर एवं गलघोटू से बचाव का संयुक्त टीकाकरण करने शुरूआत की है। उन्होंने बताया कि पशुओं में मुंहखुर एवं गलघोटू से बचाव का टीका साल में दो बार लगाया जाता है। द्वितीय चरण के तहत पूरे प्रदेश में 60 लाख पशुओं को गत अक्तूबर माह में टीका लगाया जा चूका है।
उप निदेशक ने बताया कि मुंहखुर एवं गलघोटू रोग एक खतरनाक बीमारी है। मुंहखुर बीमारी में मुंह और खुर में छाले पड़ जाते हैं, जिसकी वजह से पशु को चारा खाने व चलने में दिक्कत होती है। गलघोटू रोग में तेज बुखार, गला सूजना, सांस न ले पाना आदि दिक्कतें होती है, जिसकी वजह से पशुओं के दुग्ध उत्पादन पर काफी बुरा प्रभाव पड़ता है। इसमें पशुपालक को ईलाज के रूप में काफी आर्थिक हानि होती है। कई बार तो पशुओं की मृत्यु भी हो जाती है। इस वजह से हरियाणा सरकार ने पहल करते हुए पूरे राज्य में मुफ्त टीकाकरण अभियान चलाकर इन बीमारियों को जड़ से खत्म करने का निर्णय लिया है। टीकाकरण अभियान के तहत प्रत्येक पशुओं को पशुपालन विभाग की टीम उनके घर जाकर मुफ्त में टीकाकरण का कार्य करेगी।
उन्होंने बताया कि इस अभियान के तहत जिला फतेहाबाद में भी एक लाख 60 हजार खुराक विभाग द्वारा उपलब्ध करवाई गई है। जिला फतेहाबाद में 51 पशु चिकित्सकों की टीम इस अभियान हेतू बनाई गई है जोकि कोविड-19 के कारण लॉकडाउन में सामाजिक दूरी बनाए रखते हुए पशुपालकों के घर द्वार पर जाकर सभी पशुओं को टीके लगाएंगी। उपनिदेशक ने जिला के सभी पशुपालकों से अपील करते हुए कहा कि टीकाकरण अभियान में वे विभाग की टीम का सहयोग करे ताकि अभियान को सफल मनाया जा सके। उन्होंने सभी पशुपालक, गौशाला समितियों के प्रबंधक, प्राइवेट डेरी संचालकों से भी आग्रह किया कि वे अपने-अपने पशुओं के मुंहखुर एवं गलघोटू का टीका अवश्य लगवाएं। किसी भी प्रकार की जानकारी के लिए वे अपने निकटतम पशु चिकित्सालय या औषधालय से संपर्क कर सकते हैं।

Related posts

महज 275 रुपए के लिए सरकारी अस्पताल में खून से लथपथ महिला का उपचार रोका

Jeewan Aadhar Editor Desk

परीक्षाओं से तनाव लेने की बजाए अपने जीवन का लक्ष्य मानकर करें इसकी तैयारी : उपायुक्त

Jeewan Aadhar Editor Desk

नहर टूटने से सैकड़ों एकड़ में खड़ी फसल हुई जलमग्न, किसानों को हुआ भारी नुकसान