हिसार,
अखिल भारतीय किसान सभा के राज्य सचिव दयानन्द पूनिया ने कहा है कि कोरोना के कारण किसानों को काफी नुकसान हुआ है। खेती पहले ही घाटे में थी, अब और भी ज्यादा महंगी हुई है, उल्टे ऑनलाइन के नाम पर किसानों को परेशान किया जा रहा है विभिन्न मंडियों में मिलीभगत से किसानों को लूटा जा रहा है। गेहूं का बड़ा घोटाला अनेकों मंडियों में हो रहा है। इसकी सीबीआई से जांच करवाई जाये और जो भी दोषी हो, उसको सजा दिलवाई जाये। अभी तक किसानों को सरसों का एक भी पैसा नहीं मिला है जबकि सरकार बार-बार कह रही है कि 72 घंटे में भुगतान करेंगे। ज्यादातर मंडियों में 15 अप्रैल के पैसे नहीं आये हैं जबकि कपास की बिजाई के लिये किसानों को पैसे चाहिए।
दयानंद पूनिया ने कहा कि इसके अलावा हरियाणा सरकार ने 85000 किसानों से डेढ़ साल पहले 30000 रुपये ट्यूबवैल कनैक्शन के लिये भरवाये थे और 19000 किसानों से 2 लाख से लेकर 5 लाख रुपये भरवा रखे हैं जो अरबों रुपये किसानों के सरकार ने प्राइवेट कम्पनी को दे रखें हैं और अब फिर कपास की बिजाई का सीजन निकल रहा है। अब भी कनैक्शन की कोई संभावना नहीं है। किसान सभा ने इसकी निंदा करते हुए सरकार से मांग की है कि तुरन्त ट्यूबवैल कनैक्शन जारी करवाये जाये। जैसे ही लॉकडाउन हटेगा किसान सभा उपरोक्त मांगों को लेकर आन्दोलन करने पर मजबूर होगा।