हिसार

सेक्टर 27-28 में बदहाल सीवरेज व्यवस्था से बीमारियां फैलने का खतरा

बफर जोन में आता है दुर्गंध भरा एरिया, कई माह से जमे पानी से फैक्ट्री की दीवार गिरने का खतरा

हिसार,
सेक्टर 27-28 कहने को तो बड़ी छोटी फैक्ट्रियों का गढ़ है। कोरोना महामारी के चलते सातरोड से कोरोना पॉजिटिव केस मिलने के बाद इस क्षेत्र को बफर जोन एरिया में शामिल किया गया है किंतु यहां बदहाल सीवरेज व्यवस्था के कारण और दुर्गंध भरा पानी जमा होने के कारण बीमारियां फैलने का खतरा उत्पन्न हो गया है। एरिया के लोगों ने बताया कि हुडा के अधीन आने वाले इस क्षेत्र में लगभग 40 सालों के बाद छह माह पूर्व करोड़ों की लागत से सडक़ें बनाई गई व सीवरेज लाइन डाली गई। लॉकडाऊन होने के कारण सडक़ों के किनारों का इंटरलॉकिंग का काम बीच में छोड़ दिया गया। प्लॉट नम्बर 43 में स्टेनलेस पाइप्स बनाने वाली हिसार प्रापर्टीज प्रा. लि. के स्वामी हितेश कुमार ने बताया कि पिछले तीन माह से चरमराई सीवरेज व्यवस्था के कारण सीवरेज का गंदा पानी जमना शुरु हुआ था जो अब उनकी फैक्ट्री के गेट से लेकर पीछे तक पहुंच गया है। दुर्गंधयुक्त काले हो चुके पानी से आसपास के कई मजदूर बीमार हो चुके हैं और अब कोरोना जैसी गंभीर बीमारी के चलते संकट और गहरा गया है। दिन भर गंदे पानी पर मच्छरों की भरमार रहती है। रात में तो और भी बुरा हाल हो जाता है। हालात यह है कि पानी की मार से फैक्ट्री की दीवार कभी भी गिर सकती है।
उद्योगपति हितेश कुमार व पड़ौसी मुकेश कुमार ने बताया कि हुडा विभाग के अधिकारियों व ठेकेदार को कई बार शिकायत की जा चुकी है किंतु हर बार कोरे आश्वासन ही मिले हैं। उन्होंने प्रेस के माध्यम से हुडा के अधिकारियों व जिला प्रशासन से अनुरोध किया है कि इससे पहले कोई अनहोनी हो, इस ओर ध्यान देकर सीवरेज समस्या को जड़ से दूर करवाया जाए तथा दवा का छिडक़ाव करवाया जाए ताकि फैक्ट्री में काम करने वाले लोग भी स्वस्थ रह सकें। उन्होंने कहा कि किसी अनहोनी के होने पर हुडा विभाग व ठेकेदार जिम्मेवार होंगे।

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Jeewan Aadhar Editor Desk