हिसार

पशुओं में बोवाइन टीबी रोग के रोकथाम पर होने वाले प्रयोगों की अनुमति के लिए लुवास में वेबिनार का आयोजन

हिसार,
लाला लाजपत राय पशु चिकित्सा एवं पशुविज्ञान विश्वविद्यालय में ई-गवर्नेंस सैल के तकनीकी सहयोग से इंस्टिट्यूट ऑफ़ बायोसेफ्टी कमेटी (आईबीएससी) की तीसरी मीटिंग का एक वेबिनार से संचालन किया गया। इस वेबिनार को ‘गुगल मीट’ पर संचालित किया गया। इस मीटिंग की अध्यक्षता (आईबीएससी) चेयरमैन एवं कुलपति लुवास डॉ. गुरदियाल सिंह ने व संचालन सचिव (आईबीएसी) डॉ. सुशीला मान की ओर से किया गया।
इस वेबिनार में उपस्थित इस प्रोजेक्ट के इंचार्ज डॉ. नरेश जिंदल ने बोवाइन टीबी रोग की रोकथाम पर होने वाले प्रयोग पर अनुमति प्रदान करने बारे अन्य उपस्थित विशेषज्ञों से विचार विमर्श किया। विभागाध्यक्ष डॉ. नरेश जिंदल को इंटरनेशनल बोवाइन टीबी रोग रोकथाम पर प्रोजेक्ट प्राप्त है और वो उसी के अंतर्गत भैंसों पर टीबी रोग के रोकथाम पर प्रयोग करने बारे अनुमति प्राप्त करने के लिए कमेटी के सदस्यों द्वारा इस वेबिनार मीटिंग का आयोजन किया गया, जिसमें कमेटी के सभी सदस्यों ने अपने-अपने सुझाव सांझा किये।
कुलपति डॉ. गुरदियाल सिंह ने सभी नियमों के तहत प्रयोग करने की सलाह दी एवं प्रोजेक्ट मीटिंग के सफल आयोजन के लिए बधाई दी साथ ही सभी को कोविड-19 के सरकारी निर्देशों का पालन करने के लिए प्रेरित किया। डिपार्टमेंट ऑफ़ बायोटेक्नोलॉजी इंडिया के नॉमिनी एवं प्रधान वैज्ञानिक (सीआईआरबी) डॉ. प्रेम सिंह ने भी इस बारे में अपने सुझाव दिये। मेडिकल ऑफिसर डॉ. पुष्पेन्द्र ने भी अपने विचार प्रस्तुत किए। इस अवसर पर कमेटी के अन्य मेम्बर जिसमें डॉ. अमन कुमार (वैज्ञानिक, एबीटी) डॉ. बिधान बेरा (वैज्ञानिक, एनआरसीई), डॉ. विनय जोशी (वैज्ञानिक, एबीटी) भी उपस्थित रहे। डॉ. निलेश सिन्धु एवं कैलाश द्वारा वेबिनार संचालन के तकनीकी सहयोग में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई गई।

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Jeewan Aadhar Editor Desk